मिल्डुविप एक व्यापक स्पेक्ट्रम वाला चयनात्मक कवकनाशक है जिसमें रोकथाम, उपचारात्मक, और चयनात्मक कवकनाशी गुण होते हैं। यह कई फंगल रोगों को नियंत्रित करने में बहुत प्रभावी है। मिल्डुविप सेब पर स्कैब और अंगूर पर एंथ्राक्नोस पर बहुत अच्छा उपचारात्मक प्रभाव दिखाता है।
क्रियाविधि:
चयनात्मक: पौधे द्वारा अवशोषित होकर पूरे तंतुओं में फैल जाता है।
रोकथाम: यह रोग संक्रमण और घावों के निर्माण को रोकता है।
उपचारात्मक: मिल्डुविप कई फंगल रोगों को नियंत्रित करने में बहुत प्रभावी है।
लाभ:
मिल्डुविप एक व्यापक स्पेक्ट्रम चयनात्मक कवकनाशक है और इसमें रोकथाम, उपचारात्मक, और चयनात्मक कवकनाशी गुणों का अद्वितीय संयोजन है।
यह एंथ्राक्नोस, सेरकोस्पोरा लीफ स्पॉट, चूर्णिल आसिता, वेंटुरिया स्कैब, स्क्लेरोटिनिया रॉट, बोट्राइटिस, और फ्यूसेरियम विल्ट के लिए एक परफेक्ट समाधान है।
S तत्व के कारण फाइटोटोनिक और एंटीफंगल प्रभाव में वृद्धि।
हरा: त्वचा/आंखों में कोई जलन नहीं और कम स्तनधारी विषाक्तता।
जल्दी और समान रूप से पानी में घुलता है।
प्रयोग विधि:
पत्तियों पर छिड़काव: 250 से 500 ग्राम प्रति हेक्टेयर (0.5 ग्राम/लीटर पानी) पर छिड़काव करें।
बीज उपचार: 2 से 3 ग्राम प्रति किलो बीज।
नर्सरी ड्रिप: नर्सरी के पौधों को मिल्डुविप निलंबन में 1 - 1.5 ग्राम/लीटर पानी में डुबोएं।
मिट्टी में सिंचाई: मिल्डुविप को मिट्टी में 2 - 4 ग्राम/लीटर पानी के साथ सिंचाई करें (नर्सरी बेड/नर्सरी के लिए)।
फसलें: टमाटर, सेब, अंगूर, पपीता, और अन्य।