शिवालिक क्रॉप साइंस रोक्सिन (थायोफेनेट मिथाइल 70% WP) एक प्रणालीगत फफूंदनाशक है जो सुरक्षात्मक और उपचारात्मक दोनों क्रियाओं से काम करता है। यह पपीता, सेब, गेहूं, टमाटर और कद्दूवर्गीय फसलों में पाउडरी मिल्ड्यू, स्कैब, रस्ट, लीफ ब्लाइट, रिंग रॉट और एन्थ्रेक्नोज जैसी फफूंद जनित बीमारियों को प्रभावी रूप से नियंत्रित करता है।
टेक्निकल नाम:
कीटनाशक का प्रकार:
काम करने का तरीका:
प्रणालीगत क्रिया: पत्तियों और जड़ों द्वारा तेजी से अवशोषित होकर प्रभावी रोग नियंत्रण करता है।
सुरक्षात्मक और उपचारात्मक क्रिया: फफूंद संक्रमण को रोकता है और मौजूदा बीमारियों को ठीक करने में मदद करता है।
मुख्य विशेषताएं और फायदे:
विभिन्न फसलों में कई फफूंद रोगजनकों के खिलाफ प्रभावी।
पत्तियों और जड़ों के माध्यम से तेजी से अवशोषण होकर बेहतर सुरक्षा प्रदान करता है।
बीज उपचार, मिट्टी उपचार और पर्णीय छिड़काव के लिए उपयुक्त।
लंबे समय तक रोग नियंत्रण प्रदान करता है और पौधों के स्वास्थ्य में सुधार करता है।
बेहतर फसल उपज - फसल के नुकसान को रोकने में मदद करता है, जिससे अधिक उत्पादकता सुनिश्चित होती है।
उपयोग की फसलें और खुराक:
फसल | नियंत्रित रोग | खुराक (प्रति एकड़) |
पपीता | पाउडरी मिल्ड्यू | 286 ग्रा. |
सेब | स्कैब | 286 ग्रा. |
गेहूं | ब्राउन रस्ट, लीफ ब्लाइट | 286 ग्रा. |
टमाटर | रिंग रॉट | 286 ग्रा. |
लौकी | एन्थ्रेक्नोज | 572 ग्रा. |
कद्दूवर्गीय फसलें | पाउडरी मिल्ड्यू | 572 ग्रा. |
अरहर | फ्यूजेरियम विल्ट | 572 ग्रा. |
उपयोग का तरीका: पर्णीय छिड़काव, मिट्टी उपचार, बीज उपचार
पर्णीय छिड़काव: 250 से 500 ग्रा. प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें (0.5 ग्रा./लीटर पानी)।
बीज उपचार: 2 से 3 ग्रा./किग्रा. बीज।
पौध डिपिंग: पौधों को रोक्सिन के घोल में 1 - 1.5 ग्रा./लीटर पानी में डुबोएं।
मिट्टी ड्रेंच: रोक्सिन 2 - 4 ग्रा./लीटर पानी के घोल से मिट्टी को भिगोएं (फूलों की क्यारियां/नर्सरी)।