विलोवुड इमैक्टो एक ताकतवर कीटनाशक है जो थ्रिप्स, पॉड बोरर और माइट्स जैसे कई कीड़ों को कंट्रोल करता है। यह कीटनाशक कीड़ों के नर्वस सिस्टम को बिगाड़ देता है, जिससे कीड़े सुन्न होकर मर जाते हैं — यह कॉन्टैक्ट एक्शन से काम करता है। विलोवुड इमैक्टो कीटनाशक कपास, पत्तागोभी और मिर्च जैसी फसलों पर कीड़ों का खाना बंद कर देता है और फसल के नुकसान को रोकता है। इस कीटनाशक का SG (सॉल्युबल ग्रेन्युल) फॉर्मूला आसानी से घुल जाता है और फसलों पर लगाना आसान है। विलोवुड इमैक्टो कीटनाशक कपास, सब्जियों, दालों, फलों और प्लांटेशन फसलों के लिए सही है।
विलोवुड इमैक्टो कीटनाशक की खास बातें और फायदे:
कई तरह के कीड़ों पर असरदार: विलोवुड इमैक्टो कीटनाशक बॉलवर्म, थ्रिप्स और माइट्स जैसे कई तरह के कीड़ों पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
लंबे समय तक असर: यह कीटनाशक छिड़काव के बाद लंबे समय तक असर बनाए रखता है, जिससे फसल को लंबे समय तक सुरक्षा मिलती है।
रेजिस्टेंस मैनेजमेंट: विलोवुड इमैक्टो कीटनाशक कीड़ों को दवा के खिलाफ रेजिस्टेंस बनाने से रोकता है।
कीड़ों का खाना बंद कर देता है: विलोवुड इमैक्टो कीटनाशक कीड़ों का खाना बंद कर देता है और फसल के नुकसान का खतरा कम करता है।
ज्यादा सुरक्षित: विलोवुड इमैक्टो कीटनाशक दूसरे कड़े कीटनाशकों से ज्यादा सुरक्षित है, क्योंकि इसका फायदेमंद जीवों पर कम केमिकल असर पड़ता है।
इमैक्टो कीटनाशक के उपयोग:
यह प्रोडक्ट कई फसलों में कैटरपिलर और वर्म कीड़ों को कंट्रोल करने के लिए सही है:
बॉलवर्म: कपास में अमेरिकन बॉलवर्म, पिंक बॉलवर्म, स्पॉटेड बॉलवर्म
फ्रूट & शूट बोरर: मिर्च, बैंगन, भिंडी, टमाटर, अंगूर में
पॉड बोरर: अरहर, चना और दूसरी दालों में
डायमंडबैक मॉथ: पत्तागोभी, फूलगोभी और दूसरी क्रूसीफर फसलों में
टी लूपर: चाय के बागानों में
दूसरे कैटरपिलर: टोबैको कैटरपिलर, आर्मीवर्म, लीफ फोल्डर, कटवर्म
इमैक्टो कीटनाशक की मात्रा प्रति लीटर:
अच्छे नतीजों के लिए विलोवुड इमैक्टो कीटनाशक को पत्तों पर छिड़काव के रूप में हर फसल और टारगेट कीट के लिए बताई गई मात्रा में इस्तेमाल करें।
फसल | टारगेट कीट | मात्रा / प्रति एकड़ | प्रति लीटर | प्रति 15 लीटर पंप |
कपास | बॉलवर्म, थ्रिप्स, फ्रूट बोरर | 80–100 ग्रा. | 0.4–0.5 ग्रा. | 6–7.5 ग्रा. |
भिंडी | फ्रूट & शूट बोरर, थ्रिप्स, माइट्स | 80–100 ग्रा. | 0.4–0.5 ग्रा. | 6–7.5 ग्रा. |
मिर्च | फ्रूट बोरर, थ्रिप्स, माइट्स | 80–100 ग्रा. | 0.4–0.5 ग्रा. | 6–7.5 ग्रा. |
बैंगन | फ्रूट & शूट बोरर, थ्रिप्स, माइट्स | 80–100 ग्रा. | 0.4–0.5 ग्रा. | 6–7.5 ग्रा. |
अरहर | पॉड बोरर, थ्रिप्स | 80–100 ग्रा. | 0.4–0.5 ग्रा. | 6–7.5 ग्रा. |
चना | पॉड बोरर, थ्रिप्स | 80–100 ग्रा. | 0.4–0.5 ग्रा. | 6–7.5 ग्रा. |
अंगूर | थ्रिप्स, माइट्स, फ्रूट बोरर | 80–100 ग्रा. | 0.4–0.5 ग्रा. | 6–7.5 ग्रा. |
चाय | टी लूपर, थ्रिप्स, माइट्स | 80–100 ग्रा. | 0.4–0.5 ग्रा. | 6–7.5 ग्रा. |
पत्तागोभी & क्रूसीफर | डायमंडबैक मॉथ, थ्रिप्स | 80–100 ग्रा. | 0.4–0.5 ग्रा. | 6–7.5 ग्रा. |
पंप में कितनी मात्रा: सामान्य पत्तों पर छिड़काव के लिए 15 लीटर नैपसैक पंप में 6 से 7.5 ग्रा. इस्तेमाल करें।
विलोवुड इमैक्टो कीटनाशक कैसे इस्तेमाल करें:
बोतल को ध्यान से खोलें और फसल के हिसाब से मात्रा तालिका देखकर इमैक्टो कीटनाशक की जरूरी मात्रा नापें।
स्प्रे टैंक में जरूरी साफ पानी का करीब 70% भरें।
नापी हुई दवा को टैंक में धीरे-धीरे डालें और लगातार हिलाते रहें जब तक पूरी तरह घुल न जाए।
बाकी बचा हुआ पानी डालें और अच्छी तरह मिक्स करें ताकि एक समान घोल बन जाए।
पत्तों की ऊपरी और निचली दोनों सतहों पर बराबर छिड़काव करें, शूट टिप्स, फलों और फलियों को भी कवर करें।
छिपी हुई जगहों पर खास ध्यान दें — मुड़े हुए पत्ते, फल की कैलिक्स और फूलों की कलियों के अंदर जहां कैटरपिलर आमतौर पर छिपते हैं।
अगर कीड़ों का दबाव बना रहे या नया अटैक दिखे तो 10 से 14 दिन के अंतराल पर दोबारा छिड़काव करें।
छिड़काव का सबसे अच्छा समय:
विलोवुड इमैक्टो कीटनाशक का छिड़काव तब करें जब लार्वा छोटे हों और नई बढ़वार, फूलों या बनते फलों पर पहली बार छोटे कीड़े दिखें — छोटे लार्वा को कंट्रोल करना बड़े लार्वा से बहुत आसान होता है। बॉलवर्म और पॉड बोरर के लिए छिड़काव का समय अंडे देने के पीक टाइम और अंडे फूटने के तुरंत बाद रखें। ऐसा समय चुनें जब हवा शांत हो और अगले 4 से 6 घंटे तक बारिश की उम्मीद न हो।
कितनी बार छिड़काव करें और खेत में दोबारा कब जाएं:
कितनी बार छिड़काव करें: विलोवुड इमैक्टो कीटनाशक को एक फसल सीजन में 2 से 3 बार, 10 से 14 दिन के अंतराल पर इस्तेमाल करें — यह कीड़ों के दबाव और फसल की ग्रोथ स्टेज पर निर्भर करता है।
खेत में दोबारा कब जाएं: छिड़काव के बाद कम से कम 12 से 24 घंटे तक बिना सुरक्षा वाले कपड़ों के छिड़काव किए हुए खेत में न जाएं।
किसके साथ मिला सकते हैं: इमैक्टो कीटनाशक ज्यादातर आम फंगीसाइड, कीटनाशक और पानी में घुलने वाली खाद के साथ मिलाया जा सकता है। बोर्डो मिक्सचर जैसे तेज क्षारीय प्रोडक्ट के साथ न मिलाएं और टैंक-मिक्स करने से पहले हमेशा एक छोटे जार में टेस्ट कर लें।
सुरक्षा और सावधानियां:
विलोवुड इमैक्टो कीटनाशक को इस्तेमाल करते समय दस्ताने, मास्क, पूरी बाजू के कपड़े और आंखों पर सुरक्षा वाला चश्मा पहनें।
दवा बनाते और छिड़काव करते समय कुछ भी खाएं-पिएं नहीं, बीड़ी-सिगरेट न पिएं और कुछ भी चबाएं नहीं।
दवा या इसके घोल को सीधे त्वचा, आंखों या मुंह से न लगने दें।
छिड़काव पूरा होने के बाद हाथ, चेहरा और शरीर के खुले हिस्सों को साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धोएं।
हमेशा हवा के बहाव की तरफ छिड़काव करें ताकि दवा की फुहार आप पर न आए। हवा के सामने कभी छिड़काव न करें।
छिड़काव के दौरान और तुरंत बाद बच्चों, पालतू जानवरों, मवेशियों और बिना सुरक्षा वाले लोगों को खेत से दूर रखें।
गलती से पेट में चले जाने या शरीर पर लग जाने पर खूब पानी से धोएं और प्रोडक्ट का लेबल लेकर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
दवा को कैसे रखें:
ठंडी, सूखी और हवादार जगह पर रखें, सीधी धूप से बचाएं।
खाने-पीने की चीजों, पशु चारे और पीने के पानी से दूर रखें।
असली डिब्बे में ही रखें और ढक्कन अच्छी तरह बंद रखें।
बच्चों, पालतू जानवरों और मवेशियों की पहुंच से दूर रखें।
रखने का तापमान: 30°C से कम
शेल्फ लाइफ: बनाने की तारीख से 24 महीने।
प्रोडक्ट की जानकारी:
विवरण | जानकारी |
प्रोडक्ट का नाम | विलोवुड इमैक्टो कीटनाशक |
टेक्निकल नाम | इमामेक्टिन बेंजोएट 5% SG |
फॉर्मूलेशन का प्रकार | सॉल्युबल ग्रेन्युल (SG) |
कैटेगरी | स्पेशलिस्ट लेपिडोप्टेरन कीटनाशक |
केमिकल ग्रुप (IRAC) | एवरमेक्टिन – ग्रुप 6 |
काम करने का तरीका | स्टमक + ट्रांसलैमिनर – कैटरपिलर के नर्वस सिस्टम पर असर करता है |
बनाने वाली कंपनी | विलोवुड क्रॉप साइंसेज |
टारगेट कीट का प्रकार | बॉलवर्म, फ्रूट & शूट बोरर, पॉड बोरर, DBM, टी लूपर, आर्मीवर्म |
किन फसलों के लिए | कपास, भिंडी, मिर्च, बैंगन, अरहर, चना, अंगूर, चाय, पत्तागोभी, फूलगोभी और दूसरी खेत & बागवानी फसलें |
उपलब्ध पैक साइज | 100 ग्रा., 250 ग्रा., 500 ग्रा., 1 किग्रा. |
बनाने वाला देश | भारत |
शेल्फ लाइफ | बनाने की तारीख से 2 साल |
कटाई से पहले का अंतराल (PHI) | 3 – 7 दिन (फसल पर निर्भर) |
छिड़काव का तरीका | पत्तों पर छिड़काव |