फॉस्फेट सॉल्यूबिलाइजर
क्रिया का तरीका: फॉस्फेट सॉल्यूबिलाइजर जीवाणु (जैसे बैसिलस और स्यूडोमोनस) स्थिर फॉस्फेट को पौधों द्वारा उपयोगी रूप में परिवर्तित करते हैं। ये जीवाणु कार्बनिक अम्ल (जैसे साइट्रिक अम्ल, लैक्टिक अम्ल) और एंजाइम (जैसे फाइटेज, न्यूक्लेज) का निर्माण करते हैं, जो अघुलनशील फॉस्फेट को घुलनशील बनाते हैं और इसे पौधों के लिए उपलब्ध कराते हैं।
फायदे:
फॉस्फेट के साथ-साथ यह मिट्टी से पौधों के लिए सूक्ष्म पोषक तत्वों की उपलब्धता को बढ़ाता है।
जड़ की तेजी से वृद्धि को प्रोत्साहित करता है, जिससे पानी और पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है।
फसल की उपज बढ़ाने में मदद करता है।
पौधे की शक्ति और स्वास्थ्य में सुधार करता है।
मिट्टी के स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।
हानिरहित, पर्यावरण के अनुकूल और कम लागत वाला कृषि इनपुट।
लंबी शेल्फ-लाइफ।
उच्च और पूर्ण जीवाणु संख्या।
प्रयोग की विधियाँ:
इसे पारंपरिक ड्रेंचिंग विधि के माध्यम से पानी में मिलाकर लगाया जा सकता है, क्योंकि यह उत्पाद पानी में घुलनशील है।
इसे वर्मीकंपोस्ट या खेत की खाद के साथ अच्छी तरह मिलाएं और उपयोग से पहले 10-12 दिनों के लिए रख दें ताकि बेहतर परिणाम मिल सकें।
बेहतर परिणाम के लिए इसे रॉक फॉस्फेट के साथ मिश्रित किया जा सकता है।
उपयोग की मात्रा: प्रति लीटर पानी में 2 मि.ली.