चीलेटेड सूक्ष्म पोषक तत्व उर्वरक पौधों की शारीरिक और जैव रासायनिक प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। जिंक की कमी के कारण, जड़ों की खराब वृद्धि देखी जाती है और जिंक की कमी के परिणामस्वरूप विकास रुक जाता है और पत्तियां छोटी हो जाती हैं।
कृषि में ईडीटीए-चीलेटेड जिंक का महत्व
पौधों की कार्बन मेटाबॉलिज़्म में भागीदारी: जिंक पौधों के कार्बन मेटाबॉलिज़्म में शामिल होता है।
एंजाइम सिस्टम का आवश्यक घटक: जिंक कई एंजाइम सिस्टम का आवश्यक भाग है, जो पौधे के भीतर चयापचय गतिविधियों को नियंत्रित करते हैं।
ट्रिप्टोफैन और IAA के संश्लेषण को उत्तेजित करता है: जिंक ट्रिप्टोफैन और इंडोल एसिटिक एसिड (IAA) के संश्लेषण को बढ़ावा देता है।
कार्बन डाइऑक्साइड, जल, और कार्बोनिक एसिड के बीच संतुलन को नियंत्रित करने वाले एंजाइम का हिस्सा: जिंक एक एंजाइम का भाग है जो इन तत्वों के संतुलन को नियंत्रित करता है।
प्रोटीन चयापचय में भूमिका: जिंक प्रोटीन चयापचय में एक महत्वपूर्ण एंजाइम है।
अनुकूल फसलें: यह सभी फसलों के लिए उपयोग किया जा सकता है।
उपयोग की मात्रा: 1 लीटर पानी में 1 ग्राम