HPM प्रिडिक्ट एक ड्यूअल सिस्टेमिक फंगीसाइड है जो कई तरह के फंगल रोगों पर असरदार है, जैसे शीथ ब्लाइट, पाउडरी मिल्ड्यू आदि। यह फंगीसाइड फंगस की सांस लेने की प्रक्रिया और सेल मेम्ब्रेन बनने की प्रक्रिया को रोक देता है, जिससे बीमारी आगे नहीं फैलती। HPM प्रिडिक्ट फंगीसाइड कुछ कीड़ों से भी फसल की सुरक्षा करता है, यानी 2-इन-1 एक्शन देता है और खेत में सेहतमंद फसल पक्की करता है।
HPM प्रिडिक्ट फंगीसाइड की खास बातें और फायदे:
कई रोगों पर असरदार: HPM प्रिडिक्ट फंगीसाइड ब्लाइट, लीफ स्पॉट, रस्ट और दूसरे रोगों पर असरदार है।
लंबे समय तक असर: यह फंगीसाइड लंबे समय तक काम करता है, जिससे बार-बार छिड़काव की जरूरत नहीं पड़ती।
आसानी से मिक्स होता है: यह फंगीसाइड ज्यादातर कीटनाशकों, फंगीसाइड और पानी में घुलने वाली खाद के साथ मिला सकते हैं।
बारिश में भी टिकता है: HPM प्रिडिक्ट फंगीसाइड बारिश के मौसम में भी धुलता नहीं है।
HPM प्रिडिक्ट फंगीसाइड के उपयोग:
HPM प्रिडिक्ट फंगीसाइड कई तरह की फसलों में कई तरह के फंगल रोगों को कंट्रोल करता है:
ब्लाइट: अर्ली ब्लाइट, लेट ब्लाइट, लीफ ब्लाइट, शीथ ब्लाइट
लीफ स्पॉट: सर्कोस्पोरा लीफ स्पॉट, अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट, सेप्टोरिया लीफ स्पॉट
मिल्ड्यू: पाउडरी मिल्ड्यू, डाउनी मिल्ड्यू – अंगूर, कद्दूवर्गीय और सब्जियों में
रस्ट: ब्राउन रस्ट, येलो रस्ट, लीफ रस्ट – अनाज और दलहन फसलों में
दूसरे रोग: एन्थ्रेक्नोज, स्कैब, टिक्का डिजीज मूंगफली में, ब्लैक स्पॉट गुलाब में, सिगाटोका केले में
HPM प्रिडिक्ट फंगीसाइड की मात्रा:
अच्छे नतीजों के लिए HPM प्रिडिक्ट फंगीसाइड को हर फसल और टारगेट रोग के हिसाब से बताई गई मात्रा में पत्तों पर छिड़काव करें।
फसल | टारगेट रोग | मात्रा / प्रति एकड़ | छिड़काव का तरीका | PHI |
धान | शीथ ब्लाइट, लीफ ब्लास्ट, ब्राउन स्पॉट | 200–250 मि.ली. | पत्तों पर छिड़काव | 21 दिन |
गेहूं | रस्ट, पाउडरी मिल्ड्यू | 200 मि.ली. | पत्तों पर छिड़काव | 21 दिन |
सोयाबीन | रस्ट, एन्थ्रेक्नोज, लीफ स्पॉट | 200–250 मि.ली. | पत्तों पर छिड़काव | 14 दिन |
मूंगफली | टिक्का डिजीज, रस्ट, लीफ स्पॉट | 200 मि.ली. | पत्तों पर छिड़काव | 14 दिन |
कपास | अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट, ग्रे मिल्ड्यू | 250 मि.ली. | पत्तों पर छिड़काव | 14 दिन |
टमाटर | अर्ली ब्लाइट, लेट ब्लाइट | 250 मि.ली. | पत्तों पर छिड़काव | 7 दिन |
आलू | लेट ब्लाइट, अर्ली ब्लाइट | 250 मि.ली. | पत्तों पर छिड़काव | 7 दिन |
मिर्च, बैंगन | पाउडरी मिल्ड्यू, लीफ स्पॉट, एन्थ्रेक्नोज | 200–250 मि.ली. | पत्तों पर छिड़काव | 7 दिन |
प्याज | पर्पल ब्लॉच, डाउनी मिल्ड्यू | 200 मि.ली. | पत्तों पर छिड़काव | 10 दिन |
अंगूर | पाउडरी मिल्ड्यू, डाउनी मिल्ड्यू, एन्थ्रेक्नोज | 200–300 मि.ली. | पत्तों पर छिड़काव | 14 दिन |
आम, सिट्रस | एन्थ्रेक्नोज, स्कैब, लीफ स्पॉट | 250 मि.ली. | पत्तों पर छिड़काव | 14 दिन |
पंप में कितनी मात्रा: सामान्य पत्तों पर छिड़काव के लिए 15 लीटर नैपसैक पंप में 10 से 15 मि.ली. दवा डालें।
HPM प्रिडिक्ट फंगीसाइड कैसे इस्तेमाल करें:
बोतल खोलने से पहले उसे अच्छी तरह हिलाएं ताकि दवा अच्छे से मिक्स हो जाए।
फसल के हिसाब से मात्रा तालिका देखकर HPM प्रिडिक्ट फंगीसाइड की जरूरी मात्रा नापें।
स्प्रे टैंक में जरूरी साफ पानी का करीब 70% भरें।
नापी हुई दवा को टैंक में धीरे-धीरे डालें और लगातार हिलाते रहें।
बाकी बचा हुआ पानी डालें और अच्छी तरह मिलाएं ताकि एक समान घोल बन जाए।
फाइन-मिस्ट नोजल से पत्तों की ऊपरी और निचली दोनों सतहों पर बराबर छिड़काव करें।
अगर बीमारी का दबाव बना रहे या नए लक्षण दिखें तो 10 से 14 दिन के अंतराल पर दोबारा छिड़काव करें।
छिड़काव का सबसे अच्छा समय:
HPM प्रिडिक्ट फंगीसाइड का छिड़काव बीमारी के पहले लक्षण दिखते ही करें। या फिर जब मौसम बीमारी फैलने के अनुकूल हो — जैसे ज्यादा नमी, पत्तों पर गीलापन, ठंडी रातें या लगातार बादल छाए रहें — तब रोकथाम के लिए छिड़काव करें। सुबह जल्दी या शाम को छिड़काव करें जब तापमान हल्का हो, मौसम शांत हो और तेज धूप न हो। इससे पत्तों पर दवा अच्छी तरह लगेगी और स्प्रे इधर-उधर नहीं उड़ेगा।
कितनी बार छिड़काव करें और खेत में दोबारा कब जाएं:
कितनी बार छिड़काव करें: HPM प्रिडिक्ट फंगीसाइड को एक फसल चक्र में 2 से 3 बार, 10 से 14 दिन के अंतराल पर छिड़काव करें। यह बीमारी के दबाव और फसल की ग्रोथ स्टेज पर निर्भर करता है।
खेत में दोबारा कब जाएं: छिड़काव के बाद कम से कम 12 से 24 घंटे तक बिना सुरक्षा वाले कपड़ों के छिड़काव किए हुए खेत में न जाएं।
किसके साथ मिला सकते हैं: HPM प्रिडिक्ट फंगीसाइड ज्यादातर आम कीटनाशकों, फंगीसाइड और पानी में घुलने वाली खाद के साथ मिला सकते हैं। बोर्डो मिक्सचर जैसे तेज क्षारीय प्रोडक्ट के साथ न मिलाएं। टैंक मिक्स करने से पहले हमेशा एक छोटे जार में टेस्ट कर लें।
सुरक्षा, सावधानियां और हैंडलिंग:
HPM प्रिडिक्ट फंगीसाइड को इस्तेमाल करते समय दस्ताने, मास्क, पूरी बांह के कपड़े और आंखों पर सुरक्षा वाला चश्मा पहनें।
दवा बनाते और छिड़काव करते समय कुछ भी खाएं-पिएं नहीं, बीड़ी-सिगरेट न पिएं और कुछ भी चबाएं नहीं।
बिना घोली दवा या उसके घोल को सीधे त्वचा, आंखों या मुंह से न लगने दें।
छिड़काव पूरा होने के बाद हाथ, चेहरा और शरीर के खुले हिस्सों को साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धोएं।
हमेशा हवा के बहाव की तरफ छिड़काव करें ताकि दवा की फुहार आप पर न आए। हवा के सामने कभी छिड़काव न करें।
छिड़काव के दौरान और तुरंत बाद बच्चों, पालतू जानवरों, मवेशियों और बिना सुरक्षा वाले लोगों को खेत से दूर रखें।
गलती से पेट में चले जाने पर या शरीर पर लग जाने पर खूब पानी से धोएं और प्रोडक्ट का लेबल लेकर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
दवा को कैसे रखें:
HPM प्रिडिक्ट फंगीसाइड को उसकी असली सीलबंद पैकिंग में ठंडी, सूखी, छांव वाली जगह पर रखें। सीधी धूप और नमी से बचाएं।
दवा को हमेशा खाने-पीने की चीजों, जानवरों के चारे, पीने के पानी और बीज से अलग रखें।
बोतल को हमेशा ऊंची शेल्फ पर रखें, जहां बच्चों, पालतू जानवरों और मवेशियों की पहुंच न हो।
एसिड, क्षार या दूसरे रिएक्टिव केमिकल के पास न रखें, नहीं तो दवा की क्वालिटी खराब हो सकती है।
रखने का तापमान: 35°C से कम
शेल्फ लाइफ: बनाने की तारीख से 2 साल, अगर सही तरीके से रखा जाए।
प्रोडक्ट की जानकारी:
विवरण | जानकारी |
प्रोडक्ट का नाम | HPM प्रिडिक्ट फंगीसाइड |
टेक्निकल नाम | एज़ोक्सिस्ट्रोबिन 11% + टेबुकोनाज़ोल 18.3% SC |
फॉर्मूलेशन का प्रकार | सस्पेंशन कॉन्संट्रेट (SC) |
कैटेगरी | कई रोगों पर असरदार सिस्टेमिक + कॉन्टैक्ट फंगीसाइड |
काम करने का तरीका | ड्यूअल एक्शन – सिस्टेमिक & कॉन्टैक्ट, फंगस की सेल ग्रोथ को रोकता है |
बनाने वाली कंपनी | HPM केमिकल्स & फर्टिलाइजर्स लि. |
टारगेट रोग का प्रकार | ब्लाइट, लीफ स्पॉट, पाउडरी & डाउनी मिल्ड्यू, रस्ट, एन्थ्रेक्नोज, सिगाटोका |
किन फसलों के लिए | धान, गेहूं, सोयाबीन, मूंगफली, कपास, टमाटर, आलू, मिर्च, प्याज, अंगूर, आम, सिट्रस और दूसरी खेत & बागवानी फसलें |
पैक साइज मौजूद | 100 मि.ली., 250 मि.ली., 500 मि.ली., 1 लीटर |
बनाने वाला देश | भारत |
शेल्फ लाइफ | बनाने की तारीख से 2 साल |
कटाई से पहले का अंतराल (PHI) | 7 – 21 दिन (फसल के हिसाब से) |
छिड़काव का तरीका | पत्तों पर छिड़काव |