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| Brand: | क्रॉप केयर पेस्टिसाइड्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड |
| Product Code: | 10061 |
| उद्गम देश: | India |
| Category: | Crop Protection |
| Sub Category: | Fungicides |

क्रॉप केयर केयरज़ॉक्सी एक ब्रॉड-स्पेक्ट्रम फंगीसाइड है, जिसे क्रॉप केयर पेस्टीसाइड्स इंडिया प्रा. लि. ने बनाया है। केयरज़ॉक्सी फंगीसाइड बीमारी लगने से पहले और बाद दोनों में काम करता है। केयरज़ॉक्सी फंगीसाइड फफूंद के बीजाणुओं का अंकुरण पहली स्टेज पर ही रोक देता है और पौधे के अंदर पहले से बढ़ रहे इन्फेक्शन को भी रोकता है। इसका रिजल्ट यह है कि स्प्रे चाहे इन्फेक्शन से पहले करें या बाद में, फसल को पूरी बीमारी से सुरक्षा मिलती है। केयरज़ॉक्सी फंगीसाइड आलू, गेहूं, टमाटर, धान, प्याज और मिर्च के लिए सही है। केयरज़ॉक्सी पूरे भारत के किसानों के लिए एक लचीला और भरोसेमंद बीमारी प्रबंधन का तरीका है।
तीन तरह की सुरक्षा: केयरज़ॉक्सी फंगीसाइड प्रिवेंटिव स्प्रे, क्यूरेटिव ट्रीटमेंट और इरेडिकेंट तीनों तरह से काम करता है। एक ही प्रोडक्ट में बीमारी प्रबंधन की तीनों स्टेज कवर हो जाती हैं।
ग्रीनिंग इफेक्ट: यह फसल पर फाइटोटॉनिक असर डालता है, जिससे पत्ते ज्यादा हरे रहते हैं और फसल की ग्रोथ बेहतर होती है।
लचीला इस्तेमाल: केयरज़ॉक्सी फंगीसाइड को प्रिवेंटिव और क्यूरेटिव दोनों तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं, जो किसानों के लिए बहुत सुविधाजनक है।
सिस्टेमिक मूवमेंट: यह फंगीसाइड तेजी से पौधे में सोख लिया जाता है और कुछ ही घंटों में पूरे पौधे में फैल जाता है। इससे नई ग्रोथ और बिना स्प्रे वाले हिस्से भी इन्फेक्शन से बचे रहते हैं।
बारिश में भी असरदार: केयरज़ॉक्सी फंगीसाइड पौधे के टिश्यू में जल्दी सोख लिया जाता है। छिड़काव के कुछ घंटों बाद बारिश हो जाए तो भी इसका असर बना रहता है।
रेजिस्टेंस मैनेजमेंट: इसमें दो अलग-अलग केमिकल ग्रुप के एक्टिव इंग्रेडिएंट हैं जो फफूंद पर दो अलग-अलग जगह अटैक करते हैं। इससे रेजिस्टेंस बनने का खतरा कम हो जाता है।
कई फसलों में इस्तेमाल: केयरज़ॉक्सी फंगीसाइड आलू, गेहूं, टमाटर, धान, प्याज और मिर्च के लिए रजिस्टर्ड है। भारत के सभी प्रमुख बीमारी-प्रभावित इलाकों में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
ब्लाइट: अर्ली ब्लाइट, लेट ब्लाइट, शीथ ब्लाइट, लीफ ब्लाइट
मिल्ड्यू: पाउडरी मिल्ड्यू, डाउनी मिल्ड्यू
रस्ट: येलो रस्ट, लीफ रस्ट, ब्राउन रस्ट
बाकी बीमारियां: पर्पल ब्लॉच, फ्रूट रॉट, डाई बैक, लीफ स्पॉट
छिड़काव से पहले केयरज़ॉक्सी फंगीसाइड को जरूरी मात्रा में साफ पानी में मिलाएं। अच्छे नतीजों के लिए बीमारी की पहली निशानी दिखते ही या फसल की संवेदनशील स्टेज में प्रिवेंटिव स्प्रे के तौर पर इस्तेमाल करें।
फसल | टारगेट रोग | मात्रा / प्रति एकड़ | प्रति 15 लीटर पंप | PHI |
|---|---|---|---|---|
आलू | अर्ली ब्लाइट, लेट ब्लाइट | 500 मि.ली. | 1–1.5 मि.ली. प्रति लीटर | 14 दिन |
गेहूं | येलो रस्ट, लीफ रस्ट | 500 मि.ली. | 1–1.5 मि.ली. प्रति लीटर | 28 दिन |
टमाटर | अर्ली ब्लाइट, लेट ब्लाइट, फ्रूट रॉट | 500 मि.ली. | 1–1.5 मि.ली. प्रति लीटर | 5 दिन |
धान | शीथ ब्लाइट | 500 मि.ली. | 1–1.5 मि.ली. प्रति लीटर | 28 दिन |
प्याज | पर्पल ब्लॉच, लीफ ब्लाइट | 500 मि.ली. | 1–1.5 मि.ली. प्रति लीटर | 7 दिन |
मिर्च | पाउडरी मिल्ड्यू, फ्रूट रॉट, डाई बैक | 400 मि.ली. | 1–1.5 मि.ली. प्रति लीटर | 7 दिन |
नोट: बताई गई मात्रा से ज्यादा दवा कभी न डालें।
बोतल खोलने से पहले अच्छी तरह हिलाएं — SC फॉर्मूलेशन रखे रहने पर नीचे बैठ जाता है।
साफ मेजरिंग कप में जरूरी मात्रा ध्यान से नापें।
स्प्रेयर टैंक में करीब एक-तिहाई पानी भरें और उसमें नापी हुई दवा डालें।
बाकी साफ पानी डालते हुए लगातार हिलाते रहें जब तक घोल एक जैसा और बिना लकीरों वाला न हो जाए।
पूरी फसल की कैनोपी पर बराबर से छिड़काव करें। पत्तों की ऊपरी और निचली दोनों सतह अच्छी तरह भीगनी चाहिए।
धान में स्प्रे पौधे के निचले हिस्से और शीथ की तरफ करें क्योंकि शीथ ब्लाइट वहीं से शुरू होता है।
हर बार इस्तेमाल के बाद स्प्रेयर को दो बार साफ पानी से धोकर ही रखें।
केयरज़ॉक्सी फंगीसाइड का छिड़काव सुबह जल्दी या शाम को करें जब तापमान ठंडा हो और हवा कम चल रही हो। बीमारी दिखने से पहले ही प्रिवेंटिव स्प्रे करें — खासकर बारिश वाली रातों और नमी वाले मौसम में जब फफूंद सबसे तेजी से फैलती है।
कितनी बार छिड़काव करें: बीमारी की पहली निशानी दिखते ही स्प्रे करें। अगर बीमारी का दबाव बना रहे तो 14 से 15 दिन बाद दोबारा स्प्रे करें। एक सीजन में 2 से 3 बार से ज्यादा स्प्रे न करें।
खेत में दोबारा कब जाएं: छिड़काव के बाद कम से कम 24 घंटे तक बिना सुरक्षा वाले कपड़ों के खेत में न जाएं।
टैंक-मिक्स कम्पैटिबिलिटी: यह फंगीसाइड ज्यादातर आम इस्तेमाल होने वाले इंसेक्टीसाइड और फंगीसाइड के साथ मिला सकते हैं। लेकिन मिलाने से पहले हमेशा जार टेस्ट करें। तेज क्षारीय (एल्कलाइन) घोल के साथ न मिलाएं।
दवा को छूने या नापने से पहले दस्ताने, सेफ्टी गॉगल और नोज मास्क जरूर पहनें।
दवा मिलाते या छिड़काव करते समय कुछ भी न खाएं, न पिएं और बीड़ी-सिगरेट न पिएं।
काम खत्म होने के बाद शरीर के जिन हिस्सों पर दवा लगी हो, उन्हें साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं।
बच्चों, पालतू जानवरों और मवेशियों को छिड़काव किए हुए खेत से कम से कम 24 घंटे तक दूर रखें।
स्प्रे को तालाब, नदी और खुले पानी के स्रोतों से दूर रखें।
खाली बोतल/डिब्बे को तीन बार पानी से धोएं, छेद करें और स्थानीय कचरा नियमों के हिसाब से फेंकें।
इस फंगीसाइड को ओरिजिनल सीलबंद डिब्बे में ठंडी, सूखी और हवादार जगह पर रखें। सीधी धूप और गर्मी से बचाएं।
खाने-पीने की चीजों, पशु चारे, पीने के पानी या बीजों के पास कभी न रखें।
बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से हमेशा दूर रखें।
रखने का तापमान: 35°C से कम
शेल्फ लाइफ: बनाने की तारीख से 2 साल।
विवरण | जानकारी |
|---|---|
प्रोडक्ट का नाम | क्रॉप केयर केयरज़ॉक्सी फंगीसाइड |
टेक्निकल नाम | एज़ोक्सीस्ट्रोबिन 11% + टेबुकोनाज़ोल 18.3% SC |
फॉर्मूलेशन का प्रकार | सस्पेंशन कॉन्संट्रेट (SC) |
केमिकल ग्रुप | स्ट्रोबिल्यूरिन + ट्राइएज़ोल |
काम करने का तरीका | सिस्टेमिक प्रिवेंटिव + क्यूरेटिव + इरेडिकेटिव फंगीसाइड |
FRAC ग्रुप | C3 + G1 (ग्रुप 11 + ग्रुप 3) |
ब्रांड | क्रॉप केयर पेस्टीसाइड्स इंडिया प्रा. लि. |
पैक साइज | 500 मि.ली., 1 लीटर |
बनाने वाला देश | भारत |
शेल्फ लाइफ | बनाने की तारीख से 2 साल |
कटाई से पहले का अंतराल | 5–28 दिन (फसल के हिसाब से) |
यह अर्ली ब्लाइट, लेट ब्लाइट, शीथ ब्लाइट, येलो रस्ट, पाउडरी मिल्ड्यू, पर्पल ब्लॉच, फ्रूट रॉट और डाई बैक को कंट्रोल करता है। इसे आलू, गेहूं, टमाटर, धान, प्याज और मिर्च में इस्तेमाल करें।
केयरज़ॉक्सी में मौजूद एज़ोक्सीस्ट्रोबिन पत्तों को बिना स्प्रे वाली फसल की तुलना में ज्यादा हरा और ज्यादा समय तक प्रोडक्टिव बनाए रखता है। इसका मतलब है बेहतर फोटोसिंथेसिस, मजबूत पौधे की ग्रोथ, अच्छी दाने भराई और बेहतर फल की क्वालिटी — चाहे खेत में बीमारी का दबाव कम ही क्यों न हो।
इन्फेक्शन की पहली निशानी दिखते ही स्प्रे करें या बीमारी आने से पहले प्रिवेंटिव स्प्रे करें — खासकर गर्म रातों और बारिश के दौरान जब फफूंद सबसे तेजी से फैलती है। इसका लचीला स्प्रे विंडो किसानों को किसी एक तय समय पर बांधता नहीं है, फिर भी अच्छे नतीजे मिलते हैं।
हां — केयरज़ॉक्सी गेहूं में येलो रस्ट, लीफ रस्ट और ब्राउन रस्ट पर जबरदस्त कंट्रोल देता है। ये गेहूं की खेती में सबसे ज्यादा नुकसान करने वाली फफूंद बीमारियां हैं, खासकर जब मौसम इनके फैलने के लिए अनुकूल हो।
सुबह जल्दी या शाम को जब तापमान कम हो और हवा शांत हो — गर्म और नमी वाले मौसम में बीमारी दिखने से पहले प्रिवेंटिव स्प्रे करें ताकि सबसे लंबी और पूरी सुरक्षा मिले।
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