इंडिया एल्म पेड़, जिसे आया मरम, भारतीय एल्म, और जंगल कॉर्क के नाम से जाना जाता है, एक शक्तिशाली और मजबूत पेड़ है, जो अपनी छांव और लकड़ी के लिए प्रसिद्ध है। यह पेड़ दक्षिण भारत में विभिन्न स्थानों पर उगाया जाता है और इसे वानस्पतिक रूप से भी महत्व दिया जाता है।
बीज की जानकारी:
सामान्य नाम: इंडिया एल्म पेड़
बीजों की संख्या प्रति किलोग्राम: 25,000 से 28,500
अंकुरण प्रतिशत: 80 से 85%
प्री-ट्रीटमेंट: बीजों को कोई पूर्व-ट्रीटमेंट की आवश्यकता नहीं है।
नर्सरी तकनीक:
बीजों को मां के बिस्तर (मदर बेड) पर बोया जाता है और एक पतली मिट्टी की परत से ढक दिया जाता है।
कठोर मिट्टी से बचना चाहिए और नियमित रूप से खरपतवार उखाड़ने और मिट्टी को ढीला करने की प्रक्रिया करनी चाहिए।
पौधों को अच्छे विकास के लिए छांव की आवश्यकता होती है।
उपयोग और फायदे:
यह पेड़ वायुमंडलीय शुद्धता को बढ़ाता है और छांव प्रदान करता है।
इसके लकड़ी का उपयोग निर्माण कार्यों में किया जाता है।
यह दक्षिण भारत में आमतौर पर उगाया जाता है और पारंपरिक चिकित्सा में भी इसके फायदे बताए जाते हैं।