टी. स्टेन्स बायोक्योर-बी एक पर्यावरण-अनुकूल माइक्रोबियल बायोकंट्रोल एजेंट है जिसमें स्यूडोमोनास फ्लोरेसेंस (1.75% WP) होता है। यह CIB&RC द्वारा अनुमोदित और ऑर्गेनिक प्रमाणित है, जो इसे टिकाऊ खेती के लिए आदर्श बनाता है। बायोक्योर-बी कई प्रकार की क्रियाविधियों जैसे सब्सट्रेट प्रतिस्पर्धा, एंटीबायोसिस, साइडरोफोर उत्पादन और वृद्धि संवर्धन के माध्यम से काम करता है। यह गेहूं में लूज स्मट और टमाटर में अर्ली ब्लाइट जैसी प्रमुख फसल रोगों के प्रबंधन में मदद करता है, साथ ही जड़ स्वास्थ्य, पोषक तत्व अवशोषण और समग्र पौधों की शक्ति को बढ़ाता है।
टेक्निकल कंटेंट:
काम करने का तरीका:
बायोक्योर-बी विभिन्न क्रियाविधियों के माध्यम से रोगजनकों को नियंत्रित करता है:
सब्सट्रेट प्रतिस्पर्धा: यह लक्षित क्षेत्र और पत्ती फाइलोस्फीयर पर उपलब्ध पोषक तत्वों के लिए प्रतिस्पर्धा पैदा करके रोगजनकों को नियंत्रित करता है।
एंटीबायोसिस: यह द्वितीयक मेटाबोलाइट्स स्रावित करके रोगजनकों को नियंत्रित करता है।
साइडरोफोर उत्पादन: यह साइडरोफोर उत्पन्न करता है जो लौह यौगिकों को अवशोषित करते हैं, जिससे वे रोगजनकों के लिए अनुपलब्ध हो जाते हैं।
मुख्य विशेषताएं और फायदे:
CIB&RC द्वारा अनुमोदित माइक्रोबियल बायोकंट्रोल एजेंट
पर्णीय और मृदा-जनित रोगजनकों को नियंत्रित करता है
वृद्धि संवर्धन गुणों वाले मेटाबोलाइट्स उत्पन्न करता है
रोगजनक दमन की कई क्रियाविधियां
ऑर्गेनिक प्रमाणित, जैविक खेती में उपयोग के लिए सुरक्षित
फसलें और नियंत्रित रोग:
गेहूं: लूज स्मट
टमाटर: अर्ली ब्लाइट
मात्रा और उपयोग का तरीका:
बीज उपचार: 5-10 ग्रा. प्रति किग्रा. बीज (आकार के अनुसार)
पौध उपचार: 10-20 ग्रा. प्रति लीटर पानी
सकर बल्ब: 20 ग्रा. प्रति लीटर घोल में डुबोएं
ड्रिप सिंचाई: 1 किग्रा./एकड़, 7-10 दिन के अंतराल पर 2-3 बार
मृदा उपचार: 1 किग्रा./एकड़, 7-10 दिन के अंतराल पर 2-3 बार
फसल विशिष्ट खुराक: