टेक्निकल नाम:
ट्राइकोडर्मा हर्जियानम 1.00% WP
टी. स्टेन्स बायोरैप (ट्राइकोडर्मा हर्जियानम 1.00% WP) एक पर्यावरण-अनुकूल माइक्रोबियल जैव नियंत्रण एजेंट है जो मिट्टी जनित रोगों और नेमाटोड को नियंत्रित करता है और साथ ही पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देता है। यह सब्सट्रेट प्रतिस्पर्धा, माइकोपैरासिटिज्म, एंटीबायोसिस और नेमाटिसाइडल क्रिया के माध्यम से काम करता है। टमाटर, बैंगन और भिंडी के लिए आदर्श।
संरचना:
ट्राइकोडर्मा हर्जियानम 1.00% WP
काम करने का तरीका:
सब्सट्रेट प्रतिस्पर्धा: पोषक तत्वों के लिए रोगजनकों से प्रतिस्पर्धा करता है, जिससे उनकी वृद्धि रुक जाती है।
माइकोपैरासिटिज्म: हानिकारक कवकों पर हमला करता है और उन्हें खाकर खेत से रोगजनकों को समाप्त करता है।
एंटीबायोसिस: द्वितीयक मेटाबोलाइट्स स्रावित करता है जो दीर्घकालिक रोग दमन प्रदान करते हैं।
नेमाटिसाइडल गतिविधि: नेमाटोड के अंडों और किशोरों को संक्रमित और परजीवित करता है, जिससे फसल को और नुकसान रुक जाता है।
मुख्य विशेषताएं और फायदे:
CIB&RC-अनुमोदित माइक्रोबियल जैव नियंत्रण एजेंट।
मिट्टी जनित रोगजनकों और रूट-नॉट नेमाटोड को प्रभावी रूप से नियंत्रित करता है।
तीन लाभ प्रदान करता है: रोग प्रबंधन (फ्यूजेरियम विल्ट), नेमाटोड नियंत्रण, और पौधों की वृद्धि को बढ़ावा।
पौधों में प्रणालीगत प्रतिरोधक क्षमता उत्पन्न करता है जिससे बेहतर रोग प्रतिरोधकता मिलती है।
फसलों को सूखे और लवणता के तनाव से सहन करने में मदद करता है।
पर्यावरण के लिए सुरक्षित, कोई विषाक्त अवशेष नहीं छोड़ता।
उपयोग की फसलें और टारगेट कीट/रोग:
उपयोग के तरीके:
मिट्टी में उपयोग: 2 किग्रा. प्रति एकड़ (5 किग्रा. प्रति हेक्टेयर)
बीज उपचार: 50 ग्रा. प्रति किग्रा. बीज
नर्सरी में उपयोग: 50 ग्रा. प्रति वर्ग मीटर