





| Brand: | श्री साईं फॉरेस्ट्री |
| Product Code: | 10716 |
| Country of Origin: | India |
| Category: | Seeds |
| Sub Category: | Desi Seeds |
| Sub Sub Category: | Sandalwood |
लाल चंदन के वृक्ष के बीज
श्री साई फॉरेस्ट्री किफायती दामों पर लाल चंदन के बीज ऑनलाइन उपलब्ध कराता है। ये बीज 40 से 50 साल पुराने चंदन वृक्ष से एकत्रित किए जाते हैं और इनका अंकुरण दर 80% के आसपास होता है।
मुख्य विशेषताएँ:
अंकुरण समय: 35 से 40 दिन।
वृक्ष की ऊँचाई: 8 से 30 मीटर (25 से 100 फीट) तक।
बीज का रंग: लाल।
बीज की विशेषताएँ: 15 से 20 वर्षों बाद ही उपयोग के लिए तैयार होते हैं।
लाल चंदन के वृक्ष का उपयोग और लाभ:
आयुर्वेदिक लाभ: लाल चंदन का उपयोग कई स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है। इसके एंटीसेप्टिक गुण घावों को ठीक करने में मदद करते हैं और इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन कम करते हैं।
धार्मिक उपयोग: लाल चंदन का उपयोग पूजा-अर्चना और संस्कारों में किया जाता है।
लकड़ी और कला: लाल चंदन की लकड़ी से घर की सजावट, कला और नक्काशी के सामान बनाए जाते हैं।
शांति और मानसिक शांति: इसे माथे पर लगाने से शांति और मानसिक शांति मिलती है।
बीज के लिए आवश्यकताएँ:
मौसम: सभी मौसमों के लिए उपयुक्त।
मिट्टी: अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी।
सूर्य प्रकाश: 6 से 7 घंटे की पूर्ण या आंशिक धूप।
तापमान: 20 से 30°C।
पानी: नियमित पानी।
खाद: जैविक खाद या एनपीके खाद।
लाल चंदन के वृक्ष के बीज कैसे बोएं?
बीजों को 24 घंटे पानी में भिगोकर रखें और फिर सूखा दें।
अब बीजों को मिट्टी में बोएं और जैविक खाद डालें।
बीजों को नियमित रूप से पानी दें और सुनिश्चित करें कि इन्हें पूरे दिन धूप मिलती रहे।
मिट्टी की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए जैविक खाद का उपयोग करें।
फंगल संक्रमण से बचने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले कवकनाशक का उपयोग करें।
40 से 50 दिनों में बीज अंकुरित होंगे और आप उन्हें मिट्टी में स्थानांतरित कर सकते हैं।
लाल चंदन के वृक्ष को 15 से 20 साल में पूर्ण रूप से विकसित होने में समय लगता है।
महत्वपूर्ण जानकारी:
लाल चंदन के वृक्ष को विकसित करने के लिए होस्ट प्लांट्स (आधार पौधे) की आवश्यकता होती है। इसलिए, आप चंदन के वृक्ष के पास सहायक वृक्षों या फसल बीजों को लगाकर उनकी वृद्धि में मदद कर सकते हैं।
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