ईबीएस सीवीड एक्सट्रैक्ट मिट्टी की बनावट को सुधारता है, सूक्ष्मजीवी गतिविधि बढ़ाता है, और आवश्यक वृद्धि हार्मोन (ऑक्सिन, जिबरेलिन, साइटोकाइनिन) प्रदान करता है जो जड़ विकास, तने की वृद्धि और पोषक तत्वों के अवशोषण को प्रोत्साहित करते हैं। यह प्रकाश संश्लेषण, तनाव सहनशीलता और समग्र पौधों के स्वास्थ्य में सुधार करता है।
विशेषताएं और फायदे:
ईबीएस सीवीड एक्सट्रैक्ट मिट्टी की बनावट में सुधार करता है, मिट्टी में ह्यूमस जोड़ता है, और रासायनिक उर्वरकों का एक उत्कृष्ट पूरक है।
ईबीएस सीवीड एक्सट्रैक्ट मिट्टी की उर्वरता में सुधार करता है क्योंकि पोषक तत्व और हार्मोन प्राकृतिक रूप में सीधे पौधों को उपलब्ध कराए जाते हैं।
ईबीएस सीवीड एक्सट्रैक्ट प्रमुख, मैक्रो और सूक्ष्म पोषक तत्वों की उपलब्धता और अवशोषण को बढ़ाने में मदद करता है।
ईबीएस सीवीड एक्सट्रैक्ट में प्राकृतिक पौध वृद्धि पदार्थ जैसे ऑक्सिन, जिबरेलिन और साइटोकाइनिन होते हैं। सूक्ष्म तत्व प्राकृतिक रूप से चीलेटेड रूप में होते हैं और पौधों को आसानी से उपलब्ध होते हैं।
ईबीएस सीवीड एक्सट्रैक्ट मजबूत तने और पत्तियों की वृद्धि को बढ़ावा देता है। यह प्रकाश संश्लेषण को तेज करता है और स्वस्थ पर्णसमूह का विकास करता है।
ईबीएस सीवीड एक्सट्रैक्ट पौधों के सामान्य स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है जिसमें सूखा और पाला सहनशीलता शामिल है।
ईबीएस सीवीड एक्सट्रैक्ट रोपाई के झटके को कम करता है और बीजों के तेज अंकुरण तथा पौधों की तेज वृद्धि को बढ़ावा देता है।
ईबीएस सीवीड एक्सट्रैक्ट फलों का आकार बढ़ाता है, उपज में वृद्धि करता है, और उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार करता है।
ईबीएस सीवीड एक्सट्रैक्ट फूल आने को प्रेरित करता है, पौधों की झड़न रोकता है, और फल गिरने से बचाता है।
ईबीएस सीवीड एक्सट्रैक्ट उत्पाद की शेल्फ लाइफ बढ़ाता है।
ईबीएस सीवीड एक्सट्रैक्ट पौधों की पर्यावरणीय तनाव सहने की क्षमता में सुधार करता है और कीटों व रोगों के हमलों को कम करता है।
ईबीएस सीवीड एक्सट्रैक्ट लाभकारी मिट्टी के बैक्टीरिया के लिए भोजन के स्रोत के रूप में कार्य करता है, जिससे सूक्ष्मजीवों की संख्या में भारी वृद्धि होती है। ये सूक्ष्मजीव पौध वृद्धि को प्रोत्साहित करने वाले यौगिक उत्पन्न करते हैं जो जड़ वृद्धि और काफी बड़े जड़ समूह को बढ़ावा देते हैं।
फसलें:
फल और सब्जियां: टमाटर, खीरा, बैंगन, मिर्च, खट्टे फल, अंगूर, आदि।
अनाज और दालें: गेहूं, धान, मक्का, जौ, मसूर, मटर, आदि।
तिलहन और नकदी फसलें: कपास, मूंगफली, सूरजमुखी, गन्ना, आदि।
फूल और सजावटी पौधे: गुलाब, ऑर्किड, गेंदा, आदि।
मात्रा और उपयोग का तरीका:
मिट्टी में उपयोग (प्रति एकड़): 500 ग्रा. - 1 किग्रा. को रासायनिक उर्वरक या जैविक खाद में मिलाकर मिट्टी में डालें।
फर्टिगेशन (प्रति एकड़): 500 ग्रा. को पानी में घोलें और ड्रिप सिंचाई प्रणाली के माध्यम से जड़ क्षेत्र में डालें।
पर्णीय छिड़काव: 2 ग्रा. प्रति लीटर पानी में मिलाकर सुबह या शाम को छिड़काव करें, सर्वोत्तम परिणामों के लिए।