आईपीएल माइलडाउन (बैसिलस सबटिलिस 2.0 ए.एस.) जैविक फफूंदनाशक
माइलडाउन एक पर्यावरण के अनुकूल जैविक फफूंदनाशक है, जो बैसिलस सबटिलिस बैक्टीरिया से तैयार किया गया है। यह बीज, मिट्टी और हवा से फैलने वाले फफूंदी के रोगों से बचाव करता है। इसमें बहुत सारे जीवाणु होते हैं, जो पौधों के आसपास के क्षेत्र में कॉलोनियां बनाकर फफूंदी और बैक्टीरिया के संक्रमण से पौधों की सुरक्षा करते हैं। यह रासायनिक फफूंदनाशकों के बिना प्रभावी ढंग से रोगों को नियंत्रित करता है।
विशेषताएँ:
तरल जैविक फफूंदनाशक।
बैसिलस सबटिलिस बैक्टीरिया के साथ, जिसमें 2 x 108 सीएफयू/मिलीलीटर (न्यूनतम) स्पोर होते हैं।
बीज, मिट्टी और हवा से फैलने वाले फफूंदी रोगों से बचाव करता है।
लिपोपीप्टाइड एंटीबायोटिक्स का उत्पादन करता है, जो फफूंदी को मारते हैं।
राइज़ोस्पेयर (जड़ों के आसपास) और फाइलोस्पेयर (पत्तियों पर) में कॉलोनियां बनाकर पौधों की रक्षा करता है।
बैक्टीरिया से सुरक्षा प्रदान करता है।
रासायनिक फफूंदनाशकों का पर्यावरणीय विकल्प।
लाभ:
प्रभावी रोग नियंत्रण: बीज, मिट्टी और हवा से फैलने वाले फफूंदी रोगों को नियंत्रित करता है।
प्राकृतिक सुरक्षा: बैसिलस सबटिलिस बैक्टीरिया पौधों को फफूंदी और बैक्टीरिया से बचाता है।
सतत समाधान: रासायनिक फफूंदनाशकों पर निर्भरता कम करता है, जिससे खेती पर्यावरण के अनुकूल बनती है।
बेहतर पौधा स्वास्थ्य: पौधों की सहनशक्ति को बढ़ाता है।
उच्च क्षमता: प्रत्येक मिलीलीटर में 20 करोड़ बैक्टीरिया होते हैं, जो प्रभावी सुरक्षा प्रदान करते हैं।
बहु-आयामी क्रिया: विभिन्न रोगजनकों के खिलाफ लंबे समय तक प्रभावी रहता है।
फसलें:
तेल के बीज, कपास, टमाटर, मटर, फलियां, बाजरा, दलहन, प्याज, लहसुन, तुलसी, कुकुर्बिता, आम, अंगूर, अदरक, संतरा, अनाज, मक्का, सेब, अनार, आड़ू, बेर।
क्रिया का तरीका:
माइलडाउन का कार्य तरीका बहु-आयामी है। बैसिलस सबटिलिस बैक्टीरिया जड़ों के पास कॉलोनियां बनाता है और उन रोगों से लड़ता है जो जड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। यह स्पोरों को अंकुरित होने से रोकता है, और रोगजनकों को पौधों से जुड़ने से रोकता है।
माइलडाउन लिपोपीप्टाइड एंटीबायोटिक्स का उत्पादन करता है, जो रोगजनकों को मारने या उनकी वृद्धि धीमी करने का काम करते हैं।
प्रयोग विधि:
मिट्टी में आवेदन: 1 लीटर माइलडाउन को 200 किलो गोबर खाद/कम्पोस्ट में मिलाकर खेत में बिखेरें, भूमि की तैयारी, बुवाई और खड़ी फसलों में। हल्की सिंचाई करें।
पत्तियों पर छिड़काव: 1 लीटर पानी में 5 मिली माइलडाउन मिलाकर पत्तियों के दोनों ओर छिड़काव करें। रोग के पहले लक्षण दिखने पर छिड़काव करें। 7-10 दिनों के अंतराल पर दोहराएं। 2-3 बार छिड़काव करने की सलाह दी जाती है, रोग की स्थिति के हिसाब से इसे बढ़ाया जा सकता है। इसे सीधे सूर्य की रोशनी से बचाएं।
उपयोग की मात्रा