बायोस्टाड्ट रोको एक असरदार फफूंदनाशक दवा है जो फसल को सर्कोस्पोरा लीफ स्पॉट, पाउडरी मिल्ड्यू, वेंचुरिया स्कैब जैसे कई रोगों से बचाती है। यह दवा प्रणालीगत क्रिया से काम करती है। यह फफूंद की बढ़ने और फैलने की प्रक्रिया को रोक देती है, जिससे रोग रुक जाता है। रोको फंगीसाइड पानी में मिलाकर आसानी से छिड़काव किया जा सकता है, इसलिए नए किसान भी इसे आसानी से उपयोग कर सकते हैं।
रोको फफूंदनाशक का टेक्निकल नाम:
मुख्य फायदे:
कई रोगों पर असरदार: रोको फंगीसाइड एन्थ्रेक्नोज, सर्कोस्पोरा लीफ स्पॉट और अन्य फफूंद रोगों को नियंत्रित करता है।
रोकथाम और इलाज दोनों: रोको बुरशीनाशक रोग आने से पहले भी और रोग लगने के बाद भी काम करती है।
पौधे की बढ़वार में मदद: रोको फंगीसाइड पौधे की बढ़वार को भी बेहतर बनाती है और फसल को मजबूत करती है।
कम जहरीली: रोको बुरशीनाशक असर कम होता है, इसलिए सही तरीके से उपयोग करने पर यह सुरक्षित मानी जाती है।
रोको की मात्रा और उपयोग:
पत्तियों पर छिड़काव: 1 लीटर पानी में 1 ग्राम दवा मिलाएं।
बीज उपचार: 1 किलो बीज में 2 से 3 ग्राम दवा मिलाएं।
पौधों को डुबोकर उपचार: 1 लीटर पानी में 1 से 1.5 ग्राम दवा मिलाएं।
मिट्टी में डालने के लिए (ड्रेंचिंग): 1 लीटर पानी में 2 से 4 ग्राम दवा मिलाएं।
काम करने का तरीका:
उपयोग की फसलें:
टारगेट रोग:
रोको फंगीसाइड एन्थ्रेक्नोज, सर्कोस्पोरा लीफ स्पॉट, पाउडरी मिल्ड्यू, वेंचुरिया स्कैब, स्क्लेरोटिनिया रॉट, बोट्राइटिस, फ्यूजेरियम विल्ट और अन्य फफूंद रोगों को नियंत्रित करती है।
अनुशंसित मात्रा:
फसल | टारगेट रोग | मात्रा (प्रति लीटर पानी) |
धान | ब्लास्ट, शीथ ब्लाइट | 1 ग्राम |
मिर्च | पाउडरी मिल्ड्यू, एन्थ्रेक्नोज, फ्रूट रॉट | 1 ग्राम |
टमाटर | विल्ट, डैम्पिंग ऑफ, स्टेम रॉट, लीफ स्पॉट | 1 ग्राम |
आलू | ब्लैक स्कर्फ, ट्यूबर डिके, ट्यूबर रॉट, लीफ स्पॉट | 1 ग्राम |
सुरक्षा और सावधानियां:
उपयोग करते समय निर्देश ध्यान से पढ़ें।
दवा डालते समय सुरक्षा उपकरण पहनें।
दवा को पानी के स्रोतों से दूर रखें।
बायोस्टाड्ट रोको को बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखें।
नोट: