सुबाबुल-सौन्डल (कूबाबुल) एक तेज़ी से बढ़ने वाला, सूखा सहनशील, उष्णकटिबंधीय दलहनी पेड़ है। इसे नदी इमली के बीज के नाम से भी जाना जाता है। सुबाबुल के पत्ते और शूट प्रोटीन में समृद्ध होते हैं और चारा के रूप में अत्यधिक उपयुक्त होते हैं।
यह पेड़ विभिन्न प्रकार की मिट्टी पर उग सकता है। हालांकि, यह सिफारिश की जाती है कि सुबाबुल के बीजों को गहरी और उपजाऊ मिट्टी पर बोया जाए। यह बार-बार सिंचाई की आवश्यकता होती है, और एक बार जब बीज 7 से 10 दिनों में अंकुरित हो जाते हैं, तो आप उनकी सेहत और मिट्टी की संरचना को बढ़ावा देने के लिए जैविक खाद डाल सकते हैं।
एक बार जब सुबाबुल पेड़ परिपक्व हो जाता है, तो दो से तीन महीनों में आप पत्तियां काट सकते हैं और इन्हें अपने मवेशियों के लिए हरे चारे के रूप में उपयोग कर सकते हैं। आप इन बीजों को मादा बिस्तरों में भी बो सकते हैं और बाद में इन्हें पॉली पॉट्स और बैग्स में स्थानांतरित कर सकते हैं।
बॉटनिकल नाम: ल्यूकेना ल्यूकोसेफाला
बीज विनिर्देश
विनिर्देश | विवरण |
ब्रांड | आरके सीड्स |
नाम | सुबाबुल पेड़ के बीज |
अन्य सामान्य नाम | सुबाबुल चारा बीज, सौन्डल, नदी इमली के बीज |
अंकुरण समय | 1 से 2 सप्ताह |
कटाई का समय | 40 से 50 दिन |
औसत ऊँचाई | 2 से 10 मीटर या अधिक |
बीज का रंग | भूरा |
विशेषताएँ और उपयोग:
सुबाबुल के पेड़ की लकड़ी मुख्य रूप से पलप और कागज उद्योग में उपयोग की जाती है।
यह ईंधन और कोयला का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है।
सुबाबुल के पेड़ की पत्तियाँ मवेशियों के लिए हरे चारे के रूप में काम करती हैं।
यह पेड़ मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है और मिट्टी में नाइट्रोजन का संतुलन बनाए रखता है।
आप इन पेड़ों को कॉफी और कोको की फसलों की सुरक्षा के लिए भी लगा सकते हैं।
सुबाबुल की लकड़ी का उपयोग फर्नीचर, पोल और प्रॉप्स बनाने के लिए भी किया जाता है।
सामग्री:
सुबाबुल पेड़ में विभिन्न तत्व होते हैं जैसे प्रोटीन, ऊर्जा, कैल्शियम, फास्फोरस, और पोटेशियम, साथ ही कई अन्य तत्व भी।
बीज आवश्यकताएँ
आवश्यकताएँ | विवरण |
मौसम | सभी मौसम |
मिट्टी | अच्छी पानी निकासी वाली मिट्टी, दोमट मिट्टी, चिकनी मिट्टी |
सूरज की रोशनी | पूर्ण सूर्यप्रकाश |
तापमान | 20 से 30°C |
पानी | नियमित सिंचाई |
उर्वरक | जैविक और एनपीके उर्वरक |
सुबाबुल पेड़ को बीजों से कैसे उगाएं?
सुबाबुल पेड़ के बीजों को पानी में भिगोकर आयरन सॉल्ट डालें।
बीजों को सीधे मिट्टी में बोएं और पौधों के बीच उचित दूरी बनाए रखें।
सुनिश्चित करें कि बीजों को दिन में 6 से 7 घंटे पूरी धूप मिले।
प्रारंभिक दिनों में मिट्टी को नम रखने के लिए आप पानी स्प्रेयर का उपयोग कर सकते हैं।
सुबाबुल के बीज 1 से 2 सप्ताह के भीतर अंकुरित हो जाएंगे।
एक कुशल फसल प्रबंधन संरचना के साथ, आप इन पेड़ों को जल्दी से उगा सकते हैं।
एक बार जब पेड़ बढ़ जाए, तो आप 40 से 50 दिनों में पेड़ की कटाई कर सकते हैं।
फसल हानि और अन्य नुकसान को रोकने के लिए सर्वोत्तम फसल उपचार का उपयोग करने की सलाह दी जाती है।