लाभ:
पौधे का सूखा वजन और उत्पादन बढ़ाता है।
पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाता है।
जड़ों के विकास में मदद करता है।
मिट्टी में बैक्टीरिया और फंगी की गतिविधि बढ़ती है, जो मिट्टी के लिए लाभकारी है।
उपयोगी फसलें: अनाज और दाल की फसलें।
उपयोग की मात्रा
आवेदन का समय:
अनाज की फसलें:
पहला छिड़काव - पौधरोपण के 2 हफ्ते बाद,
दूसरा छिड़काव - टिलरिंग चरण में,
तीसरा छिड़काव - दूधिया चरण में।
दाल की फसलें:
पहला छिड़काव - पौधरोपण के 30 दिन बाद,
दूसरा छिड़काव - 60 दिन के अंतराल पर,
तीसरा छिड़काव - 90 दिन बाद।
सामग्री:
प्राथमिक, द्वितीयक, और सूक्ष्म पोषक तत्व।
गिबरेलिक माहूँ, एमिनो माहूँ, साइटोकिनिन, NAA।
एज़ेटोबैक्टर, रेजोबिया, पीएसबी।
प्राथमिक पोषक तत्व:
नाइट्रोजन (N): 7990.0 मिलीग्राम/लीटर
फॉस्फोरस (P): 197.9 मिलीग्राम/लीटर
पोटेशियम (K): 1130.80 मिलीग्राम/लीटर
ग्रोथ हार्मोन:
गिबरेलिक माहूँ (GA): 176.0 मिलीग्राम/लीटर
साइटोकिनिन: 201.4 मिलीग्राम/लीटर
एमिनो माहूँ: 0.19 मिलीग्राम/लीटर
सूक्ष्म पोषक तत्व:
मैंगनीज (Mn): 9.5 मिलीग्राम/लीटर
जस्ता (Zn): 3.2 मिलीग्राम/लीटर
लोहा (Fe): 138 मिलीग्राम/लीटर
बोरॉन (B): 2.8 मिलीग्राम/लीटर
द्वितीयक पोषक तत्व: