एफएमसी रोगोर एक असरदार कीटनाशक है जो कई तरह के कीटों को खत्म करता है। डायमेथोएट 30% ई.सी. कीटों के नर्वस सिस्टम पर असर करता है, जिससे कीट लकवाग्रस्त होकर मर जाते हैं। रोगर कीटनाशक प्रणालीगत तरीके से काम करती है और रस चूसने वाले व पत्तियां खाने वाले कीटों पर असरदार है। इसका उपयोग करने से फसल को लंबे समय तक सुरक्षा मिलती है और यह किसानों के लिए किफायती भी है।
रोगोर कीटनाशक टेक्निकल नाम:
मुख्य विशेषताएं और लाभ:
कई कीटों पर असरदार: रोगर कीटनाशक एफिड्स, मेलीबग्स, हॉपर और अन्य कीटों को नियंत्रित करता है।
तेज़ असर: यह दवा संपर्क में आते ही कीटों पर जल्दी असर करता है और फसल को नुकसान से बचाता है।
लम्बी सुरक्षा: रोगर कीटनाशक प्रणालीगत क्रिया से काम करती है और फसल को लंबे समय तक बचाती है।
आसान उपयोग: यह दवा तरल रूप (EC फॉर्मूलेशन) में होती है, इसलिए इसे पानी में मिलाकर आसानी से छिड़का जा सकता है।
मात्रा और उपयोग का तरीका:
पत्तियों पर छिड़काव के लिए:
1 लीटर पानी में 1 से 2 मि.ली. मिलाएं।
200 लीटर पानी में 200 से 400 मि.ली. मिलाएं।
15 लीटर पंप में 15 से 30 मि.ली. मिलाएं।
काम करने का तरीका:
रोगर कीटनाशक का उपयोग:
रोगर कीटनाशक टमाटर, प्याज, पत्तागोभी, फूलगोभी, आलू, भिंडी, केला और सेब की फसल में उपयोग की जाती है।
टारगेट कीट:
रोगर कीटनाशक एफिड्स, मेलीबग्स, हॉपर, जैसिड्स, शूट बोरर और स्केल थ्रिप्स जैसे कीटों को नियंत्रित करती है।
खुराक की जानकारी:
फसल | कीट | मात्रा (प्रति लीटर पानी) |
टमाटर | एफिड्स, व्हाइटफ्लाई | 1 से 2 मि.ली. |
प्याज | थ्रिप्स | 1 से 2 मि.ली. |
पत्तागोभी | एफिड्स, मस्टर्ड एफिड | 1 से 2 मि.ली. |
फूलगोभी | पेंटेड बग, मस्टर्ड एफिड | 1 से 2 मि.ली. |
आलू | थ्रिप्स | 1 से 2 मि.ली. |
भिंडी | एफिड्स, लीफ हॉपर, जैसिड्स | 1 से 2 मि.ली. |
सुरक्षा और सावधानियां:
बताई गई मात्रा से ज्यादा दवा का उपयोग न करें।
दवा को त्वचा, आंखों और मुँह के सीधे संपर्क में आने से बचाएँ।
रोगर कीटनाशक को निर्देशों के अनुसार सुरक्षित स्थान पर रखें।
नोट: