उत्पाद सामग्री: क्लोरांट्रानिलिप्रोल 9.3% + लम्ब्डा साईहैलोथ्रिन 4.6% जेडसी
कात्यायनी क्लोड़ा एक रासायनिक कीटनाशक है, जिसमें क्लोरांट्रानिलिप्रोल 9.3% और लम्ब्डा साईहैलोथ्रिन 4.6% जेडसी होता है। यह कीटनाशक पौधों में प्रवेश कर के और सीधे कीटों पर असर डालकर उन्हें मारता है। यह सिस्टमेटिक (जो पौधे के भीतर काम करता है) और कॉन्टेक्ट (जो कीटों के संपर्क में आने पर काम करता है) दोनों प्रकार से असर करता है। यह कीटनाशक विभिन्न कीटों जैसे छेदक, जैसिड, तना मक्खी, और थ्रिप्स को नियंत्रित करता है। यह पैडी, बैंगन, सोया और मिर्च जैसी फसलों में उपयोग के लिए उपयुक्त है।
काम करने का तरीका:
क्लोरांट्रानिलिप्रोल: यह पौधे में समा जाता है और जो कीट पौधे पर बैठकर खाते हैं, उन्हें मारता है। यह कीट की मांसपेशियों को प्रभावित करता है, जिससे वो लकवे का शिकार हो जाते हैं और मर जाते हैं।
लम्ब्डा साईहैलोथ्रिन: यह सीधे कीटों पर असर करता है। जैसे ही कीट इस पर आते हैं, यह उनके तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है, जिससे वे मर जाते हैं।
फायदे:
क्लोरांट्रानिलिप्रोल लंबे समय तक कीटों से बचाव करता है, चाहे बारिश हो या सिंचाई।
लम्ब्डा साईहैलोथ्रिन तुरंत असर करता है और कीटों को तुरंत मार देता है।
यह कीटों के सभी चरणों (अंडे से लेकर बड़े कीटों तक) पर काम करता है।
दो अलग-अलग प्रकार से काम करने वाले तत्वों का मेल कीटों के प्रतिरोध को कम करता है।
नियंत्रण कीट: फूल, तना, फल और सुंडी, होपर्स, जैसिड, इल्ली, मच्छर, पत्तियों में छेद करने वाले कीट और थ्रिप्स जैसे कीटों को नियंत्रित करता है।
अनुकूल फसलें: अरहर, कपास, बैंगन, भिंडी, पैडी, सोया, पत्तागोभी, मूंगफली, उड़द और कई अन्य फसलें।
उपयोग की मात्रा: 80-100 मि.ली./एकड़