कात्यायनी बीटी जैव लार्वीसाइड एक जैविक कीटनाशक है जिसमें बैसिलस थुरिंजिएंसिस जीवाणु होता है, जो पाउडर रूप में आता है। यह कीटों की लार्वा (इल्ली) को पेट में घुसकर मारता है। यह प्राकृतिक और सुरक्षित तरीका है जिससे कीटों को नियंत्रित किया जा सकता है।
सीएफयू (कोलनी फॉर्मिंग यूनिट्स): 5 x 108 ग्राम/मिनट
बीटी जैव लार्वीसाइड का तरीका:
स्पोर का सेवन: जब कीट इल्ली पौधों पर लगे बैसिलस थुरिंजिएंसिस के स्पोर (बीज) खाते हैं, तो इनका सेवन करती हैं।
स्पोर सक्रिय करना: कीट के पेट में अल्कलाइन (खारा) वातावरण में स्पोर घुलकर प्रोटीन क्रिस्टल छोड़ते हैं।
प्रोटोक्सिन सक्रिय करना: पेट के एंजाइम्स इन क्रिस्टल को छोटे प्रोटोक्सिन में बदलते हैं। अब यह सक्रिय होते हैं और इन्हें बीटी टॉक्सिन कहा जाता है।
मध्यगुत कोशिकाओं से जुड़ना: बीटी टॉक्सिन कीट के पेट की कोशिकाओं से जुड़ते हैं।
छेद बनाना: यह टॉक्सिन कोशिकाओं के झिल्ली में छेद बना देते हैं।
कोशिका फटना: छेद होने से कोशिकाएं फट जाती हैं और कीट का पाचन तंत्र बिगड़ जाता है।
कीट का मरना: कोशिकाओं का फटना कीट के पाचन तंत्र को नष्ट कर देता है, जिससे वह भूखा मर जाता है।
लक्ष्य फसलें:
कपास
धान
गोभी
चना
भिंडी
टमाटर
फूलगोभी
मिर्च
ग्राम
तूवर
सोयाबीन
तंबाकू
अरंडी
महोगनी
लाल दाल
और अन्य कई फसलें
लक्ष्य कीट: बीटी जैव लार्वीसाइड विभिन्न प्रकार के लार्वा कीटों को नियंत्रित करता है, जैसे:
तंबाकू इल्ली
मक्का छेदक
तना छेदक
फल छेदक
फली छेदक
शूट छेदक
धान की पत्तियों को लुड़कानेवाला कीट
पत्तियां खानेवाले इल्ली
कपास सुंडी
कपास ब्रिजवॉर्म
चाय इल्ली
लिपिडोप्टेरा (एक प्रकार के कीट)
हाइमेंोप्टेरा
डिप्टेरा
कोलियोप्टेरा कीट (जैसे चाय लूपर, पाइन इल्ली, कांटेदार पतंग)
लागू करने का तरीका और मात्रा:
सावधानियां:
कीटनाशक के उपयोग से 2-3 दिन पहले इसका छिड़काव करें, इससे युवा इल्ली पर बेहतर असर होगा।
बीटी जैव लार्वीसाइड का उपयोग 18°C से ऊपर तापमान पर करें। इसका छिड़काव शाम के समय करें, क्योंकि 30°C से ऊपर का तापमान सबसे प्रभावी होता है।
10-15 दिन के अंतराल में पुनः आवेदन करें ताकि कीटों पर नियंत्रण बना रहे।
यह जैविक कीटनाशक एक सुरक्षित और प्रभावी उपाय है जो आपके खेतों में कीटों के नियंत्रण में मदद करेगा।