कात्यायनी ब्यूवेरिया में ब्यूवेरिया बेसियाना नामक एक फफूंद के बीजाणु और मायसेलियम के टुकड़े होते हैं, जो कीटों को नियंत्रित करने के लिए काम आते हैं। इसे सफेद मस्करडाइन फफूंद भी कहा जाता है। यह पाउडर और तरल दोनों रूपों में उपलब्ध है।
काम करने का तरीका:
ब्यूवेरिया बेसियाना के बीजाणु जब किसी कीट के शरीर से संपर्क करते हैं, तो वे बढ़ने लगते हैं और कीट के शरीर में घुसकर उसे अंदर से नष्ट कर देते हैं। यह कीट के शरीर में पोषक तत्वों को सोखकर उसे 7 से 10 दिन में मार डालता है। कात्यायनी ब्यूवेरिया कीटों पर सीधे संपर्क से काम करता है, इसे खाने की जरूरत नहीं होती। यह फसल की सेहत को बेहतर बनाने में मदद करता है, जिससे कीटों को नियंत्रित किया जा सकता है। यह पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित है और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखता है।
सीएफयू: 2 x 108 ग्राम / न्यूनतम
किसी भी कीटों पर असरदार:
कात्यायनी ब्यूवेरिया निम्नलिखित कीटों को प्रभावी तरीके से नियंत्रित करता है:
लेपिडोप्टेरा (जैसे तना छेदक, कटर कीड़े)
कोलियोप्टेरा (जैसे जड़ के कीड़े)
हेमिप्टेरा (जैसे पत्तियों को खानेवाले, सफेद मक्खी, माहूँ)
हाइमेनोप्टेरा (जैसे मीलबग्स)
डिप्टेरा (जैसे केले के कीड़े, थ्रिप्स)
उपयोग की मात्रा और लगाने का तरीका:
मिट्टी में मिलाकर लगाना:
3-5 किलो कात्यायनी ब्यूवेरिया को 200 किलो जैविक खाद में मिलाकर गीली मिट्टी में अच्छे से फैला कर लगाएं (1 एकड़ में)।
पेड़ की फसलों के लिए, 20 ग्राम को 1 किलो जैविक खाद में मिलाकर पेड़ के आसपास डालें।
पत्तियों पर छिड़काव:
बूंद से सिंचाई:
यह जैविक नियंत्रण उपाय फसल की सुरक्षा के लिए सुरक्षित और प्रभावी तरीका है, जो उत्पादकता बढ़ाने में मदद करता है और पर्यावरण के लिए भी अच्छा है।