उत्पाद सामग्री: फेनोक्साप्रोप-पी-एथिल 9.3% ईसी)
कात्यायनी फेनॉक्स एक चयनात्मक, पोस्ट-इमर्जेंस रासायनिक खरपतवारनाशी है, जिसमें फेनोक्साप्रोप-पी-एथिल 9.3% इमल्सिफाइबल कंसंट्रेट फॉर्म में होता है। यह प्रणालीगत क्रिया के माध्यम से कार्य करता है, जिससे वसा अम्ल संश्लेषण बाधित होता है, जो खरपतवारों के विकास के लिए आवश्यक है। इस प्रक्रिया से खरपतवारों की वृद्धि रुक जाती है और अंततः उनका नाश हो जाता है। यह खरपतवारनाशी सोयाबीन, धान, कपास और कई अन्य फसलों में संकरी पत्तियों वाले खरपतवारों के नियंत्रण के लिए उपयुक्त है।
क्रियाविधि:
फेनोक्साप्रॉप-पी-एथिल 9.3% ईसी का क्रियाविधि चयनात्मक, आपातकालीन और प्रणालीगत है। यह वसा अम्ल संश्लेषण को बाधित करता है, जो खरपतवारों के विकास के लिए आवश्यक होता है, जिससे खरपतवारों की वृद्धि रुकती है और अंततः उनकी मृत्यु हो जाती है।
मुख्य लाभ:
फेनोक्साप्रॉप-पी-एथिल संकरी पत्तियों वाले खरपतवारों को नियंत्रित करता है, जबकि चौड़ी पत्तियों वाली फसलें अप्रभावित रहती हैं।
खरपतवारों के मिट्टी से निकलने के बाद छिड़काव किया जाता है, जिससे सक्रिय रूप से बढ़ते खरपतवारों को निशाना बनाया जा सकता है।
खरपतवारों की जड़ों तक असर पहुँचता है, जिससे पूरे पौधे का नाश होता है और पुनः वृद्धि रुकती है।
लक्षित खरपतवार:
इचिनोक्लोआ कॉलोनम, इचिनोक्लोआ क्रसगली, डिजिटेरिया, एल्यूसिन इंडिका, सेटेरिया, ब्राचिआरिया आदि और अन्य कई खरपतवार।
अनुकूल फसलें:
सोयाबीन, धान, उड़द, कपास, प्याज, मूंगफली और अन्य फसलें।
मात्रा:
प्रति एकड़ 250-400 मि.ली. पत्तियों पर छिड़काव के रूप में।