उत्पाद विवरण
वृक्ष की विशेषताएँ:
ऊँचाई: पौधे एक साल में 8 से 10 फीट की ऊँचाई तक बढ़ते हैं और 6 से 10 मुख्य शाखाएँ पैदा करते हैं।
फली का स्वरूप: ड्रमस्टिक की फली समान रूप से मांसल होती है, जिसमें अधिक व्यास, स्वाद, सुगंध और खुशबू होती है।
फली की गुणवत्ता: फली की शेल्फ़ लाइफ़ और रखरखाव की गुणवत्ता अधिक होती है, जिससे ताजगी और स्वाद बनाए रखा जा सकता है।
फली का आकार: फली 2 से 2.5 फीट लंबी होती है, व्यास 2 से 2.5 इंच और वजन 70 से 90 ग्राम, जिसमें 80% मांस होता है।
फल की संख्या: प्रति पेड़ औसतन 500 से 800 फल तक पहुँचते हैं।
उपज: प्रति एकड़ सालाना लगभग 25 से 30 टन।
विशेषताएँ
फल का रंग: आकर्षक गहरा हरा।
फल की लंबाई: 2 से 2.5 फीट, व्यास 2 से 2.5 इंच।
फल का वजन: 70-90 ग्राम।
उपज: प्रति एकड़ 25-30 टन प्रति वर्ष (मौसम और कृषि प्रथाओं के अनुसार)।
पहली कटाई के दिन: पौधों के स्थानांतरण के 8-9 महीने बाद।
अन्य
दूरी
भूमि की तैयारी
गहरी जुताई: ड्रमस्टिक खेती के लिए भूमि की गहरी जुताई आवश्यक है। अंतिम जुताई के समय प्रति हेक्टेयर लगभग 20 टन गोबर की खाद का उपयोग करें। स्थायी किस्मों के लिए, हर 6×6 मीटर की दूरी पर 45×45×45 सेंटीमीटर का गड्ढा खोदा जाता है, जबकि वार्षिक किस्मों के लिए 2.5×2.5 मीटर की दूरी पर गड्ढे खोदे जाते हैं। ड्रमस्टिक के पत्तों की खेती के लिए 1.0×1.0 मीटर की दूरी रखी जा सकती है। हर गड्ढे को मिट्टी, 10-15 किलोग्राम गोबर की खाद या खाद और 100 ग्राम नाइट्रोजन, 200 ग्राम फास्फोरस और 50 ग्राम पोटाश के साथ अच्छी तरह से मिलाकर भरें, वर्षा के मौसम के आगमन से पहले।
ड्रमस्टिक की खेती के सुझाव
बीज भिगोना: बुवाई से पहले 24 घंटे के लिए बीजों को भिगोएँ और छायादार स्थान पर सुखाएँ ताकि जल्दी अंकुरण हो सके।
पौधों की रोपाई: ठंडे जलवायु क्षेत्रों के लिए बड़े कंटेनर में पौधों को रोपें और उन्हें अंदर रखें।
मिट्टी: ड्रमस्टिक को अच्छी पानी निकासी वाली मिट्टी की आवश्यकता होती है, जिसकी पीएच मान 6-7 हो।
फूलना: यह साल में एक या दो बार फूलता है। यदि प्रूनिंग को नजरअंदाज किया जाए, तो ये तेजी से बढ़कर कुछ वर्षों में 40 फीट तक पहुँच सकते हैं।
फली की कटाई: ड्रमस्टिक की फली को तब काटें जब वे अधकच्ची और कोमल हों, लगभग आधा इंच व्यास में।
ताजा हरी सब्जियाँ: युवा अंकुर, बढ़ते टिप्स, और युवा पत्तियों को काटें।
सूखे पत्तों का पाउडर: बड़े पत्तों की कटाई करें।
उपयुक्त क्षेत्र/मौसम