










| Brand: | श्री साईं फॉरेस्ट्री |
| Product Code: | 10715 |
| Country of Origin: | India |
| Category: | Seeds |
| Sub Category: | Desi Seeds |
| Sub Sub Category: | Mahogany |
माहोगनी के वृक्ष के बीज
श्री साई फॉरेस्ट्री किफायती दामों पर माहोगनी के वृक्ष के बीज उपलब्ध कराता है। यह वृक्ष कई नामों से जाना जाता है जैसे कड़वा बादाम, स्काईफ्रूट, आदवी बादाम, शुगर आलमंड्स, आकाश पांडू, थेंकानी, मिरेकल फ्रूट, आदि।
माहोगनी की लकड़ी का उपयोग लकड़ी की कला, फर्नीचर, नाव, और विभिन्न उपकरणों के निर्माण में किया जाता है। इसके पत्ते, फल, और छाल का उपयोग स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज में भी होता है।
मुख्य विशेषताएँ:
लकड़ी की उपयोगिता: माहोगनी की लकड़ी मजबूत और टिकाऊ होती है, जिसका उपयोग फर्नीचर, नाव, उपकरण, और कला के सामान बनाने में किया जाता है।
स्वास्थ्य लाभ: माहोगनी के पत्तों, छाल, और फलों में औषधीय गुण होते हैं।
कीट नियंत्रण: इसके पत्तों का उपयोग कीटों और कीड़ों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।
स्वास्थ्य के लाभ: यह मधुमेह और मलेरिया जैसी बीमारियों को नियंत्रित करता है। इसके अलावा, सूजन कम करता है और कैंसर से बचाव करता है।
साबुन और रंग निर्माण: माहोगनी के पत्तों और तेल का उपयोग साबुन और रंग बनाने में किया जाता है।
बीज के लिए आवश्यकताएँ:
मौसम: मई और जून।
मिट्टी: अच्छी जल निकासी वाली और जलोढ़ मिट्टी।
सूर्य प्रकाश: 6 से 8 घंटे की पूर्ण या आंशिक धूप।
तापमान: मध्यम (20 से 30°C)।
पानी: नियमित पानी।
खाद: जैविक एनपीके खाद।
माहोगनी के बीज कैसे बोएं?
माहोगनी के बीजों को अच्छी जल निकासी वाली, गहरी जलोढ़ मिट्टी में बोएं।
बीजों को मिट्टी में बोने के बाद, उन पर रेत और जैविक खाद व उर्वरक का मिश्रण डालें।
बीजों को नियमित रूप से पानी दें।
सुनिश्चित करें कि बीजों को पर्याप्त सूर्य की रोशनी मिले।
बीज 2 से 4 सप्ताह में अंकुरित हो जाएंगे।
महत्वपूर्ण जानकारी:
बीज अंकुरण समय: 2 से 4 सप्ताह।
वृक्ष की ऊँचाई: 40 से 60 फीट तक ।
बीज का रंग: भूरा।
वृक्ष के उपयोग: माहोगनी के वृक्ष का उपयोग लकड़ी कला, स्वास्थ्य उपचार, और औद्योगिक उपयोग में किया जाता है।
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