


| Brand: | एडवांटा गोल्डन सीड्स |
| Product Code: | 5334 |
| Country of Origin: | India |
| Category: | Cattle & Bird Care |
| Sub Category: | Fodder Seed |
| Sub Sub Category: | Multi Cut Grass |
न्यूट्रीफीड फोरेज के मुख्य बिंदु:
उच्च जैवमास उत्पादन (SSG उत्पादों से 50% अधिक), मल्टी-कटिंग के लिए उपयुक्त
एक बार स्थापित होने पर सूखा सहिष्णु
प्रुसिक एसिड विषाक्तता का कोई खतरा नहीं और शुरुआती चारे के लिए उपयुक्त
उच्च प्रोटीन और पोषण मूल्य (12-16% क्रूड प्रोटीन)
उच्च स्वादिष्टता
IVMD 61.3%
उच्च मेटाबोलिज़ेबल ऊर्जा
न्यूट्रीफीड अधिकांश कीटों और बीमारियों के प्रति सहिष्णु है और उनके नियंत्रण के लिए लगभग नगण्य निवेश की आवश्यकता होती है
न्यूट्रीफीड बीमारियों और कीटों से मुक्त हरा चारा प्रदान करता है जो बेहतर पशु स्वास्थ्य में मदद करता है
उच्च पाचनशीलता के कारण पशु के लिए कम चारे की आवश्यकता होती है, और कम चारा उगाने के लिए उपयोग होता है
उच्च पोषण वाला चारा पशु के बेहतर स्वास्थ्य में सहायक होता है
बीज दर: 3 किलोग्राम प्रति एकड़
कृषि और प्रबंधन:
मिट्टी:
चारा फसलें विभिन्न प्रकार की मिट्टियों में अच्छी तरह से उगाई जा सकती हैं। मिट्टी का pH 5.5 से 7.0 होना चाहिए, अम्लीय और खारी मिट्टियों से बचें। अच्छी पानी निकासी वाली मिट्टी बेहतर उत्पादन देती है।
पानी और सिंचाई:
न्यूट्रीफीड सूखा सहिष्णु है, लेकिन गर्मी में 7 दिन के अंतराल पर और बारिश के मौसम में 12 दिन के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए। बेहतर स्वादिष्टता के लिए फसल में उच्च नमी होनी चाहिए। उचित सिंचाई से चारा फसल में स्वस्थ और अपेक्षित जैव-भार का उत्पादन होगा।
बुवाई:
न्यूट्रीफीड की स्थापना तुलनात्मक रूप से आसान है, लेकिन अच्छे अंकुरण और जड़ विकास के लिए अच्छे बीज बिस्तर की आवश्यकता होती है। जहाँ सिंचाई उपलब्ध है, वहां पहले पानी देने और फिर बुवाई करने से बेहतर परिणाम मिलते हैं। बुवाई की गहराई 3 से 5 सेंटीमीटर होनी चाहिए और मिट्टी से ढकना चाहिए। पंक्ति से पंक्ति का स्पेसिंग 30 सेंटीमीटर और पौधे से पौधा 25 सेंटीमीटर होना चाहिए।
बुवाई का प्रकार:
खांचा और गड्ढे:
यह विधि बुवाई, तुड़ाई, सिंचाई और उर्वरक सिंचाई के लिए बहुत सफल है, जिससे उच्च उपज और उच्च गुणवत्ता वाले चारे की प्राप्ति होती है।
ब्लॉक विधि:
यह विधि भी चारा उत्पादन में सफल है। किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार चारे की तुड़ाई कर सकते हैं और उसी ब्लॉक की सिंचाई कर सकते हैं।
बुवाई का समय:
बसंत - फरवरी से अप्रैल
खरीफ - मई से अगस्त
रबी (केवल मध्य भारत और दक्षिण भारत में) - सितंबर से अक्टूबर
स्पेसिंग:
न्यूट्रीफीड का स्पेसिंग: पंक्ति से पंक्ति 30 सेंटीमीटर X पौधे से पौधा 25 सेंटीमीटर
काटाई और तुड़ाई:
न्यूट्रीफीड को कभी भी काटा और खिलाया जा सकता है, लेकिन 1 मीटर से 1.2 मीटर की ऊंचाई आदर्श है, जिससे हरे चारे के पोषण मूल्य के रूप में अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। तुड़ाई के समय न्यूट्रीफीड को जमीन से 6 से 8 इंच ऊपर काटें, ताकि मल्टी-कट के लिए तेजी से पुनः वृद्धि हो सके।
काटाई के बाद के कार्य:
ताजे पत्ते और तनों के पुनर्निर्माण के लिए पर्याप्त नाइट्रोजन और पानी डालें।
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