अमृत वीएमसी एक अनूठी कृषि किण्वन तकनीक है, जिसमें पौधों की वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक सूक्ष्मजीव, पोषक तत्व, और प्रोटीन होते हैं।
अमृत वीएमसी में नाइट्रोजन स्थिरीकरण, फास्फोरस घोलने, पोटाश, और जिंक के संचारण के लिए पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देने वाले सूक्ष्मजीव होते हैं।
अमृत वीएमसी का मिश्रण आवश्यक पोषक तत्वों और आसानी से उपलब्ध प्रोटीन मीडिया से समृद्ध है।
लाभ:
अमृत वीएमसी पौधों की वृद्धि, उत्पादकता और फसल सुरक्षा को बढ़ाता है।
अमृत वीएमसी मिट्टी प्रबंधन, पोषक तत्वों के संचारण, रोग नियंत्रण और पौधों की रक्षा तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उपरोक्त सभी लाभकारी कारणों से फसल की पैदावार 10-20% तक बढ़ सकती है।
प्रयोग विधि:
बीज उपचार: 1 लीटर पानी में 100 मि.ली. अमृत वीएमसी मिलाएं, 1 किलोग्राम बीजों को इस घोल से उपचारित करें, फिर छांव में सूखा कर बीजों को बोएं।
मिट्टी उपचार: 1 एकड़ के लिए 5 लीटर अमृत वीएमसी को ड्रिप/वेंट्यू के माध्यम से लागू करें।
5 लीटर अमृत वीएमसी को 300-400 किलोग्राम अमृत गोल्ड / एफवाईएम में मिलाकर एक दिन पहले खेत में लागू करें।