यह विषाणुजनित रोग अर्थव्यवस्था का मूक हत्यारा है, जो हर साल फसल उत्पादन में 10-70% नुकसान पहुँचाता है।
वी-बाइंड का क्रिया प्रणाली
वी-बाइंड के फॉर्मूले में मौजूद एंटीवायरल अणु विषाणु के ग्लाइकोप्रोटीन स्थलों से बंध जाते हैं, जिससे विषाणु निष्क्रिय हो जाता है और इसके आगे की प्रजनन प्रक्रिया रुक जाती है।
वी-बाइंड का उपयोग निम्नलिखित फसलों में किया जा सकता है:
पपीता लीफ कर्ल
मिर्च लीफ कर्ल
बैंगन लीफ कर्ल
खीरा लीफ कर्ल
गर्किन्स लीफ कर्ल
सेब वायरल बीमारी
तरबूज/कद्दू और सभी कुकुर्बिट्स
तंबाकू मोसाइक वायरल बीमारी
पपीता जेमिनिविषाणु
सेब क्लोरोटिक लीफ स्पॉट विषाणु
कड़वी लौकी लीफ कर्ल
तरबूज लीफ कर्ल
बैंगन लीफ कर्ल
इमुएन:
इमुएन पौधों की प्रणालीगत अधिग्रहित प्रतिरोधकता को सुधारता है, फल सेटिंग में मदद करता है और उपज को बढ़ाता है।
उपयोग की मात्रा:
रोग की रोकथाम के लिए: 2 मि.ली. प्रति लीटर
पहले से संक्रमित पौधों के लिए: 6 मि.ली. प्रति लीटर
इमुएन के लिए: 2-3 मि.ली. प्रति लीटर
इमुएन और वी बाइंड एक साथ मिलाकर और पत्तियों पर छिड़काव के रूप में उपयोग किए जा सकते हैं। रोग की रोकथाम के लिए हर 20-25 दिन में एक बार छिड़काव की सिफारिश की जाती है।