वेदा डॉ. चंद्रा गोल्ड GK 224 BG II एक उच्च उपज देने वाली हाइब्रिड कपास बीज किस्म है जो बोलगार्ड 2 (BG II) तकनीक का उपयोग करके बनाई गई है, जो कीट और रोग प्रतिरोधक क्षमता सुनिश्चित करती है। ये बीज भारतीय किसानों की विस्तृत श्रेणी के लिए उपयुक्त हैं और इनमें अच्छी सूखा सहनशीलता भी है।
वेदा डॉ. चंद्रा गोल्ड GK-224 BG-II बीज विशेषताएं:
विशेषताएं | विवरण |
नाम | डॉ. चंद्रा गोल्ड GK 224 BG-II |
ब्रांड का नाम | वेदा सीड्स |
अन्य सामान्य नाम | कपास बीज |
प्रकार | हाइब्रिड कपास बीज |
अंकुरण अवधि | 5 से 14 दिन |
परिपक्वता अवधि | 140 से 150 दिन। |
बॉल का वजन | 6.0 से 6.5 ग्रा. |
स्टेपल लंबाई | 29.5 से 30 मि.मी. |
जिनिंग प्रतिशत | 37.5 से 38% |
फल का आकार | बड़ा, अंडाकार आकार |
पौधे का प्रकार | मध्यम ऊंचाई, सीधा और खुला कैनोपी |
पत्ती का प्रकार | मध्यम आकार की, हल्की रोएंदार हरी पत्तियां |
प्रतिरोधक क्षमता | बॉलवर्म और रस चूसने वाले कीट |
वेदा डॉ. चंद्रा गोल्ड कपास बीज के फायदे:
चंद्रा गोल्ड कपास बीज 140 से 150 दिनों में परिपक्व होते हैं।
डॉ. चंद्रा गोल्ड कपास बीज का जिनिंग प्रतिशत 38% तक उच्च है।
ये बीज बेहतर फसल मजबूती और बॉल रिटेंशन के साथ मजबूत फसल पैदा करते हैं।
ये GK-224 BG-II बीज बॉलवर्म जैसे प्रमुख कीटों के प्रति प्रतिरोधी हैं।
वेदा कपास आवश्यकताएं:
आवश्यकताएं | विवरण |
मौसम | खरीफ: मध्य मई से जुलाई |
बीज दर | 2 से 3 पैकेट प्रति एकड़ |
बुवाई की गहराई | 2 से 3 से.मी. |
मिट्टी | गहरी, उपजाऊ, अच्छी जल निकासी वाली दोमट या काली कपास मिट्टी |
मिट्टी का pH | 5.8 से 6.5 pH |
धूप | 6 से 8 घंटे पूर्ण धूप |
तापमान | 28 से 35°C |
पानी | नियमित |
उर्वरक | संतुलित NPK या जैविक उर्वरक |
वेदा डॉ. चंद्रा गोल्ड कपास बीज बुवाई के सुझाव:
बेहतर अंकुरण के लिए, चंद्रा गोल्ड कपास बीजों को 2 से 6 घंटे पानी में भिगोएं।
बीज बोने से पहले भूमि की तैयारी के दौरान मिट्टी को अच्छी तरह भुरभुरा कर लें।
डॉ. चंद्रा गोल्ड कपास बीजों को मिट्टी में 2–3 से.मी. नीचे रखें और मिट्टी से ढक दें।
सुनिश्चित करें कि कपास की फसल को पर्याप्त धूप और नियमित सिंचाई मिले।