टेक्निकल नाम: मेटसल्फ्यूरॉन मिथाइल 20% WP (सर्फेक्टेंट रहित)
टैग्रिप सल्फोनिलयूरिया रासायनिक परिवार का एक अत्यधिक प्रभावी पोस्ट-इमर्जेंस शाकनाशी है, जो विशेष रूप से गेहूं की फसल में चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के नियंत्रण के लिए बनाया गया है। इसमें मेटसल्फ्यूरॉन मिथाइल (20% WP) सक्रिय तत्व के रूप में है, जो पर्णीय और मृदा दोनों गतिविधियों के साथ चयनात्मक और प्रणालीगत खरपतवार नियंत्रण सुनिश्चित करता है।
टैग्रिप खरपतवारों के तनों और जड़ों में कोशिका विभाजन को रोककर काम करता है, जिससे तेज़ और लंबे समय तक नियंत्रण मिलता है। यह अवशिष्ट शाकनाशी कम मात्रा में उपयोग दर पर काम करता है, जो किसानों के लिए एक किफायती समाधान है।
मुख्य फायदे:
चयनात्मक शाकनाशी: गेहूं की फसल को नुकसान पहुँचाए बिना चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों और विशिष्ट वार्षिक घासों को लक्षित करता है।
प्रणालीगत क्रिया: खरपतवारों द्वारा अवशोषित होकर जड़ों और तनों का पूर्ण नियंत्रण सुनिश्चित करता है।
पोस्ट-इमर्जेंस प्रभावशीलता: सर्वोत्तम परिणामों के लिए बुवाई के 25-35 दिन बाद छिड़काव करें।
लंबे समय तक अवशिष्ट गतिविधि: नए खरपतवारों के उगने के खिलाफ विस्तारित सुरक्षा प्रदान करता है।
कम मात्रा: न्यूनतम उपयोग दर के साथ किफायती और पर्यावरण के अनुकूल।
टारगेट खरपतवार:
टैग्रिप निम्नलिखित खरपतवारों को प्रभावी रूप से नियंत्रित करता है:
कीनोपोडियम एल्बम (बथुआ)
मेलिलोटस एल्बा और एम. इंडिका (सफेद और पीला सीनजी)
लैथाइरस अफाका (जंगली मटर)
एनागैलिस अर्वेन्सिस (कृष्णनील)
विसिया सैटिवा और वी. हिर्सुटा (अंकरी किस्में)
सिरसियम अर्वेन्स (कैनेडा थिसल)
उत्पाद रूप: वेटेबल पाउडर
मात्रा: 8 ग्रा. प्रति एकड़
उपयोग का तरीका:
उपकरण: उच्च-मात्रा वाले स्प्रेयर का उपयोग करें जैसे:
तरीका: समान कवरेज के लिए पर्णीय छिड़काव के रूप में लगाएं।
समय: बुवाई के 25 से 35 दिन बाद (एकल छिड़काव)।