













| Brand: | श्री साईं फॉरेस्ट्री |
| Product Code: | 3353 |
| Country of Origin: | India |
| Category: | Seeds |
| Sub Category: | Desi Seeds |
श्री साई फॉरेस्ट्री द्वारा प्रदान किए गए सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले सीताफल के बीज (जो शकरकंद, स्वीटसॉप और सीताफल के नाम से भी जाने जाते हैं) उच्च उपज क्षमता वाले होते हैं और इनमें 80% से 90% तक बीज अंकुरण दर होती है।
अंकुरण समय औसतन 2 से 8 सप्ताह होता है, हालांकि, जलवायु, पोषक तत्वों की आपूर्ति और अन्य कारकों के आधार पर यह 10 सप्ताह भी हो सकता है। वहीं, फल 22 से 25 सप्ताह में पककर तैयार होते हैं।
वनस्पतिक नाम: अन्नोना स्क्वामोसा
बीज विशेषताएँ:
विशेषताएँ | विवरण |
ब्रांड | श्री साईं फॉरेस्ट्री |
नाम | सीताफल के बीज |
अन्य सामान्य नाम | सीताफल के बीज (हिंदी में), शकरकंद के बीज, स्वीटसॉप के बीज |
अंकुरण समय | 2 से 8 सप्ताह |
फसल काटने का समय | 22 से 25 सप्ताह |
औसत पेड़ की ऊँचाई | 15 से 30 फीट |
औसत फल का वजन | 200 से 500 ग्राम |
फल का रंग | हरा |
विशेषताएँ और लाभ:
सीताफल के बीज उगाना आसान है और ये किफायती कीमतों पर उपलब्ध हैं।
यह पाचन तंत्र को सुधारता है और रोग प्रतिकारक क्षमता को बढ़ाता है।
एंटी-ऑक्सीडेंट गुण शरीर में सूजन को कम करते हैं।
यह त्वचा और बालों के स्वास्थ्य को सुधारता है।
आप इस फल का सेवन रक्तदाब को नियंत्रित करने के लिए कर सकते हैं।
यह विटामिनों का आदर्श स्रोत है जो आपकी आँखों के स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करता है।
सीताफल का सेवन हृदय रोगों को रोकने में भी सहायक होता है।
पोषक तत्व: सीताफल में मैग्नीशियम, पोटेशियम, आहार फाइबर, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस, विटामिन C और B6 जैसे पोषक तत्व होते हैं।
बीज आवश्यकताएँ:
आवश्यकताएँ | विवरण |
बोने का मौसम | ग्रीष्मकाल |
मिट्टी | अच्छे जल निकासी वाली और नमी वाली मिट्टी |
धूप | 6 से 7 घंटे की सीधी धूप |
तापमान | 20 से 30°C |
पानी | नियमित सिंचाई |
उर्वरक | उच्च पोटेशियम और फास्फोरस वाला उर्वरक आवश्यक है |
सीताफल के बीज कैसे बोएं?
बीजों को धोकर उन्हें गर्म पानी में भिगोएं।
उपयुक्त मिट्टी तैयार करें और जैविक उर्वरक डालें।
बीजों को मिट्टी में बोएं और कुछ हफ्तों तक पानी छिड़कें।
पानी की नियमित छिड़काव के लिए पानी स्प्रेयर का उपयोग करें।
सुनिश्चित करें कि बीज और मिट्टी को पर्याप्त धूप और तापमान मिल रहा हो।
एक बार बीज अंकुरित हो जाएं, तो इन्हें सीधे मिट्टी में स्थानांतरित करें।
बीज बोने के 22 से 25 सप्ताह बाद आपको सीताफल के फल मिलेंगे।
No reviews yet. Be the first to review this product!





