सागरिका
सागरिका समुद्री शैवाल आधारित तरल जैव-उत्प्रेरक है, जो जैविक खेती के लिए भी उपयुक्त है। इसमें प्राकृतिक प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, आवश्यक पौध पोषक तत्व और वृद्धि उत्तेजक पदार्थ होते हैं। यह बीज अंकुरण को बढ़ाता है, अंकुरण दर में सुधार करता है और बीजlings की ताकत को बढ़ावा देता है। सागरिका पौधों द्वारा जैविक और रासायनिक उर्वरकों की उपयोग क्षमता को बढ़ाती है।
मुख्य विशेषताएं और लाभ:
फसल की उपज और गुणवत्ता में सुधार: पौधों की शक्ति, जड़ और तना वृद्धि, फूलों और फलों के विकास को बढ़ावा देता है।
पौध पोषण में सुधार: पोषक तत्वों के अवशोषण और उनकी उपयोगिता को बढ़ाता है।
तनाव सहनशीलता में वृद्धि: सूखा, गर्मी और लवणता जैसे प्रतिकूल प्रभावों के प्रति पौधों की सहनशीलता बढ़ाता है।
मिट्टी में सूक्ष्मजीव सक्रिय करता है: मिट्टी के सूक्ष्मजीवी समुदाय को उत्तेजित करता है और मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार करता है।
तनावजनित क्षति को कम करता है: पौधों को पर्यावरणीय तनावों से उबरने में मदद करता है और क्षति को कम करता है।
जैविक और पर्यावरण के अनुकूल: प्राकृतिक समुद्री शैवाल से प्राप्त, खेती के लिए सुरक्षित और टिकाऊ विकल्प।
फसलें:
सभी फील्ड फसलें, दलहन, तिलहन, बागवानी और सब्जी फसलें, गन्ना और रेशेदार फसलें, बागानी फसलें, औषधीय और सुगंधित फसलें।
उपयोग की मात्रा:
पर्णीय छिड़काव:
500 मिली/एकड़ या 2.5-5.0 मिली/लीटर पानी (फसल की अवस्था के अनुसार)।
छिड़काव सुबह जल्दी करें, जब ओस सूख चुकी हो।
छिड़काव चरण:
पहला छिड़काव: पौध स्थापना या कल्ले बनने की अवस्था में।
दूसरा छिड़काव: फूल आने से पहले।
तीसरा छिड़काव: फूल आने के बाद।