सूक्ष्म पोषक तत्व आवश्यक तत्व हैं जो पौधों की वृद्धि, स्वास्थ्य और उपज को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाते हैं। ये जड़ विकास, फल लगना, बीज की जीवन क्षमता और समग्र ओज जैसी महत्वपूर्ण पौध क्रियाओं में सहायता करते हैं। मिट्टी के सूक्ष्मजीवों को बढ़ावा देकर और पोषक तत्व चक्रों को प्रोत्साहित करके, सूक्ष्म पोषक तत्व फसलों की आनुवंशिक क्षमता को अधिकतम करने में मदद करते हैं, जिससे अधिक उपज और बेहतर फसल गुणवत्ता प्राप्त होती है।
विशेषताएं:
पौधों के बेहतर विकास और स्वास्थ्य के लिए आवश्यक।
पत्ती निर्माण, तना बढ़ाव और फल पकने जैसी प्रमुख पौध प्रक्रियाओं में सीधे शामिल।
जड़ विकास को प्रोत्साहित करते हैं और बीज की जीवन क्षमता बढ़ाते हैं।
मिट्टी के पोषक तत्व चक्रों में उत्प्रेरक के रूप में कार्य करते हैं, सूक्ष्मजीवी गतिविधि को सहायता प्रदान करते हैं।
पौधों द्वारा प्राकृतिक रूप से उत्पादित होते हैं और वृद्धि कार्यों को नियंत्रित करते हैं।
फायदे:
पौधों की मजबूत और स्थिर वृद्धि को बढ़ावा देता है।
फसल की उपज बढ़ाता है और फसल की गुणवत्ता में सुधार करता है।
पौधों के ओज और तनाव प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
जड़ प्रणाली के विकास और पौधे की संरचना में सुधार करता है।
बीज की जीवन क्षमता और फल लगने की प्रक्रिया को बढ़ावा देता है।
बेहतर पोषक तत्व उपलब्धता के लिए मिट्टी में सूक्ष्मजीवी पारिस्थितिकी तंत्र को सहायता प्रदान करता है।
फसलों की आनुवंशिक क्षमता को अधिकतम करता है, जिससे संसाधनों का कुशल उपयोग सुनिश्चित होता है।
फसलें: धान, गेहूं, गन्ना, आलू, सब्जियां, कपास, केला और बागवानी फसलें।
मात्रा: 5-8 किग्रा./एकड़