महिंद्रा समिट ग्रैश-एक्स एक उन्नत बाद में छिड़काव करने वाला खरपतवार नाशक है, जिसमें पिनॉक्साडेन 5.1% ईसी होता है। इसे विशेष रूप से गेहूँ की फसल के लिए बनाया गया है। यह फलेरिस माइनर (कनारी घास) और एवेना लुडोविसियाना (जंगली जई) जैसे ज़ोरदार घास वाले खरपतवारों पर प्रभावी नियंत्रण करता है।
ग्रैश-एक्स तेज़ असर दिखाता है, जिससे खरपतवार पोषक तत्वों, नमी और रोशनी के लिए फसल से प्रतिस्पर्धा करना बंद कर देते हैं, और अंततः उपज में वृद्धि होती है।
उत्पाद सामग्री:
क्रिया की विधि:
यह खरपतवारों में एसिटाइल कोए ए कारबॉक्सिलेज़ (एसीसीएसे) एंज़ाइम को रोकता है, जो घास जैसे खरपतवारों में वसा अम्लों के निर्माण के लिए आवश्यक होता है।
इससे खरपतवारों की वृद्धि रुक जाती है, पत्ते पीले पड़ने लगते हैं, और कुछ ही दिनों में वे पूरी तरह सूखकर नष्ट हो जाते हैं।
इसकी चयनात्मक क्रिया केवल खरपतवारों को समाप्त करती है और गेहूँ की फसल को कोई हानि नहीं पहुँचती।
विशेषताएँ और लाभ:
घास वाले खरपतवारों पर अत्यंत प्रभावी: विशेष रूप से फलेरिस माइनर और एवेना लुडोविसियाना को निशाना बनाता है।
गेहूँ के लिए सुरक्षित और चयनात्मक: गेहूँ की फसल को बिना नुकसान पहुँचाए खरपतवारों को नियंत्रित करता है।
तेज़ और लम्बे समय तक असर: खरपतवार दवा के अवशोषण के तुरंत बाद उनकी वृद्धि रुक जाती है।
बारिश के बाद भी असरदार: छिड़काव के कुछ घंटों बाद हुई वर्षा के बावजूद यह प्रभावी बना रहता है।
गेहूँ की खेती के लिए अनुकूल: बोआई के 30 से 35 दिन बाद छिड़काव करने पर सर्वोत्तम परिणाम देता है।
निशाना बनाए गए खरपतवार:
अनुकूल फसल:
मात्रा और उपयोग का तरीका:
मात्रा: प्रति हेक्टेयर 800 से 900 मिली (30-35 दिन बाद बोआई के)
घोलने की मात्रा: प्रति हेक्टेयर 225 से 300 लीटर पानी
उपयोग विधि: फसल उगने के बाद पीठ पर बाँधे जाने वाले छिड़काव यंत्र (नेपसैक स्प्रेयर) से समान रूप से छिड़काव करें।