कोक्सी55 एक विशेष फॉर्मूलेशन है जो प्रभावी फसल सुरक्षा के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 47% और मेटालैक्सिल 8% को वेटेबल पाउडर रूप में मिलाया गया है। यह उत्पाद कई प्रकार के फफूंद रोगों को लक्षित करता है, पौधों के स्वास्थ्य को बढ़ाता है और मजबूत विकास को बढ़ावा देता है। इसकी अनूठी संरचना उच्च प्रभावकारिता सुनिश्चित करती है और साथ ही इसे लगाना आसान है, जो इसे विभिन्न कृषि परिस्थितियों के लिए उपयुक्त बनाता है। कोक्सी55 उन किसानों के लिए एक आवश्यक उपकरण है जो विश्वसनीय रोग प्रबंधन के माध्यम से अपनी फसल की उपज और गुणवत्ता में सुधार करना चाहते हैं।
टेक्निकल नाम:
काम करने का तरीका:
कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (संपर्क): पौधों की सतह पर एक सुरक्षात्मक परत बनाता है, एंजाइम प्रणालियों को बाधित करके फफूंद बीजाणु अंकुरण को रोकता है।
मेटालैक्सिल (प्रणालीगत): पौधे में अवशोषित होकर स्थानांतरित होता है, ऊमाइसीट फफूंद में आरएनए पॉलीमरेज़ को लक्षित करता है, जिससे फफूंद की वृद्धि अंदर से रुक जाती है।
उपयोग का तरीका और समय:
उपयोग का तरीका: नैपसैक या पावर स्प्रेयर से पर्णीय छिड़काव।
समय: रोग के शुरुआती लक्षण दिखने पर या निवारक उपाय के रूप में लगाएं, विशेषकर उच्च आर्द्रता या फफूंद के अनुकूल परिस्थितियों में। रोग के दबाव के अनुसार हर 10–15 दिनों में दोहराएं।
विशेषताएं और फायदे:
दोहरी क्रिया: निवारक (कॉपर) + उपचारात्मक (मेटालैक्सिल)।
प्रमुख फफूंद रोगों के खिलाफ व्यापक-स्पेक्ट्रम नियंत्रण।
लंबी अवशिष्ट सक्रियता।
प्रतिरोध विकास के जोखिम को कम करता है।
स्वस्थ फसल विकास और उपज में सुधार को बढ़ावा देता है।
फसलें:
अंगूर, टमाटर, आलू, कुकुरबिट्स, मिर्च, प्याज और अन्य सब्जियां और फल जो फफूंद रोगों के प्रति संवेदनशील हैं।
खुराक: