










| Brand: | कात्यायनी ऑर्गेनिक्स |
| Product Code: | 3839 |
| Country of Origin: | India |
| Category: | Growth Regulators |
| Sub Category: | Humic & Fulvic Acid |
काट्यायनी ह्यूमिक एसिड + फुलविक एसिड एक पर्यावरण मित्र जैविक सक्रिय उत्पाद है जो आधुनिक कृषि में एक उत्कृष्ट इनपुट है। यह फसल उत्पादन को कई लाभ प्रदान करता है।
यह नाइट्रोजन को स्थिर करने में मदद करता है और मिट्टी में लॉक-अप फास्फोरस को रिलीज़ करता है, साथ ही मिट्टी की पानी धारण क्षमता को बढ़ाता है।
यह चिकनी और संकुचित मिट्टी को तोड़ने में मदद करता है, मिट्टी से पौधों तक सूक्ष्म पोषक तत्वों के स्थानांतरण में सहायता करता है, पानी धारण क्षमता को बढ़ाता है, बीज अंकुरण दर और पैठ को बढ़ाता है, और मिट्टी में माइक्रोफ्लोरा जनसंख्या के विकास को उत्तेजित करता है।
यह एक प्राकृतिक चेलेटर के रूप में कार्य करता है (उच्च कैटायन विनिमय क्षमता प्रदान करके) जिससे पौधों द्वारा खनिजों, पोषक तत्वों और ट्रेस तत्वों का अवशोषण सुधारता है।
प्रयोग दिशा:
फील्ड परीक्षण: चावल, गेहूं, गन्ना, बागवानी फसलें, कपास, मिर्च, केला, सोयाबीन, मूंगफली, सब्जियां, फल, फूल, प्रमुख वृक्षारोपण फसलें, औषधीय और सुगंधित पौधे, और सभी अन्य फसलें, विशेष रूप से उच्च मूल्य की फसलें।
ह्यूमिक एसिड + फुलविक एसिड 98 उर्वरक के लाभ:
पौधे की जड़ों के विकास को बढ़ावा देता है।
मिट्टी की वायुसंचार और पानी धारण क्षमता में सुधार करता है।
मिट्टी की उर्वरता और सूक्ष्मजीवों में सुधार करता है।
पौधों के एंजाइमों को उत्तेजित करता है और उनके उत्पादन को बढ़ाता है।
अनुकूल फसलें:
यह एक प्राकृतिक चेलेटर के रूप में कार्य करता है (उच्च कैटायन विनिमय क्षमता प्रदान करके) जिससे पौधों द्वारा खनिजों, पोषक तत्वों और ट्रेस तत्वों का अवशोषण सुधारता है।
उपयोग की मात्रा:
पत्तियों पर छिड़काव: 800 ग्राम/एकड़ (7 से 10 ग्राम/लीटर पानी)
मिट्टी आवेदन: 2 किलोग्राम/एकड़ (यूरिया या अन्य खादों के साथ)
बूंद से सिंचाई: 2 किलोग्राम/एकड़
प्रयोग की दिशा:
मिट्टी आवेदन: 1-1.5 ग्राम प्रति लीटर पानी
पत्तियों पर छिड़काव:
फल पौधे (आम, लीची, अमरूद, नींबू, संतरा, अंगूर, केला, पपीता):
रोपण के 15 दिन बाद: 15 लीटर पानी में 10 ग्राम छिड़काव करें, हर 10-12 दिन के अंतराल पर फलने तक।
सब्जियां: रोपण के 15 दिन बाद: 15 ग्राम/15 लीटर पानी, हर 10-12 दिन के अंतराल पर फलने तक।
आलू: रोपण के 15 दिन बाद: 15 ग्राम/15 लीटर पानी, हर 10-12 दिन के अंतराल पर फलने तक।
फसलें (चावल, जूट, गेहूं, जौ, सरसों, तिल, मूंगफली, सूरजमुखी, सोयाबीन, कपास):
रोपण के 15 दिन बाद: 15 ग्राम/15 लीटर पानी, हर 10-12 दिन के अंतराल पर फलने तक।
फूल और पत्तेदार पौधे: रोपण के 15 दिन बाद: 10-15 ग्राम/15 लीटर पानी, हर 10-12 दिन के अंतराल पर।
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