जैक्सन 11 रिसर्च तिल के बीज भारतीय खेती की परिस्थितियों में बेहतर उपज और अधिक तेल उत्पादन के लिए विकसित एक उच्च गुणवत्ता वाली तिल (सीसम) किस्म है। तिल (सीसमम इंडिकम) सबसे पुरानी तिलहनी फसलों में से एक है जो अपने उच्च पोषण और आर्थिक मूल्य के लिए जानी जाती है।
यह किस्म खरीफ के साथ-साथ सिंचित परिस्थितियों में भी अच्छा प्रदर्शन करती है, जो शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में अच्छी अनुकूलता प्रदान करती है। यह मजबूत शाखाओं और अधिक कैप्सूल निर्माण के साथ एक समान पौधे पैदा करती है, जिससे बेहतर बीज उपज प्राप्त होती है। बीजों में तेल की मात्रा अधिक होती है और इनका व्यापक रूप से तेल निष्कर्षण, खाद्य उत्पादों और निर्यात बाजारों के लिए उपयोग किया जाता है।
विशेषताएं:
फसल का प्रकार: तिल (सीसम)
किस्म: जैक्सन 11 रिसर्च
वानस्पतिक नाम: सीसमम इंडिकम
मौसम: खरीफ / ग्रीष्म
बुवाई का समय: जून–जुलाई / जनवरी–फरवरी
परिपक्वता अवधि: 75–90 दिन
बीज दर: 1.5–2 किग्रा. प्रति एकड़
पौधे का प्रकार: एकल तना
तेल की मात्रा: अधिक (लगभग 45–50%)
उपयुक्त मिट्टी: बलुई दोमट से दोमट मिट्टी
उपयुक्त क्षेत्र: गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश
विशेषताएं और फायदे:
एक समान कैप्सूल सेटिंग के साथ उच्च उपज क्षमता
मजबूत अंकुरण और जोरदार पौधों की वृद्धि
उच्च तेल की मात्रा बेहतर बाजार मूल्य सुनिश्चित करती है
सूखा सहनशील और वर्षा आधारित खेती के लिए उपयुक्त
तिल की सामान्य बीमारियों के प्रति सहनशीलता
विभिन्न मिट्टी के प्रकारों और जलवायु के अनुकूल
व्यावसायिक तिलहन उत्पादन और निर्यात के लिए आदर्श