बायो बूस्ट ब्लेंड (ब्रैसिका जुनसिया, फेरुला और कैमेलिया सिनेन्सिस)
ब्रैसिका जुनसिया, फेरुला और कैमेलिया सिनेन्सिस जैविक सामग्री हैं, जिन्हें प्राकृतिक उर्वरक के रूप में उपयोग किया जा सकता है। इन्हें सही तरीके से सड़ाकर या संसाधित करके पोषक तत्वों का बेहतर रूप से निष्कर्षण किया जा सकता है।
पोषक तत्व:
नाइट्रोजन (N):
ब्रैसिका जुनसिया नाइट्रोजन का अच्छा स्रोत है, जो पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक है। यह पौधों की हरी पत्तियों की वृद्धि को बढ़ावा देता है।
फॉस्फोरस (P):
इसमें फॉस्फोरस होता है, जो जड़ों के विकास, फूलने और फलने के लिए आवश्यक है।
पोटैशियम (K):
इसमें पोटैशियम भी होता है, जो पौधों के स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
सूक्ष्म पोषक तत्व:
ब्रैसिका जुनसिया में लोहे, मैंगनीज और जिंक जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व भी हो सकते हैं।
फेरुला:
फेरुला में सल्फर यौगिक होते हैं, जो मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की गतिविधि में सुधार कर सकते हैं और मिट्टी स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं। इसे कुछ कीटों से बचाव के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है।
कैमेलिया सिनेन्सिस:
नाइट्रोजन (N):
कैमेलिया सिनेन्सिस के पत्तों में नाइट्रोजन होता है, जो हरी पत्तियों की वृद्धि में मदद करता है।
जैविक पदार्थ:
कैमेलिया सिनेन्सिस के पत्ते जैविक पदार्थ प्रदान करते हैं, जो मिट्टी की संरचना और सूक्ष्मजीव गतिविधि को बेहतर बनाते हैं।
सूक्ष्म तत्व:
इसमें लोहे, मैंगनीज और कॉपर जैसे सूक्ष्म तत्व होते हैं।
उपयोग का तरीका:
घोल तैयार करें:
ब्रैसिका जुनसिया, फेरुला और कैमेलिया सिनेन्सिस को पानी में डुबोकर अच्छी तरह से मिलाएं और कुछ समय के लिए छोड़ दें।
एनपीके जीवाणु या सूक्ष्मजीवाणु प्राप्त करें:
यह जीवाणु या सूक्ष्मजीव आमतौर पर तरल या पाउडर रूप में होते हैं।
एनपीके जीवाणु मिलाएं:
एनपीके जीवाणु या सूक्ष्मजीवाणु को माइक्रोन्यूट्रिएंट घोल में मिला दें।
पौधों पर लागू करें:
पानी देने के रूप में: इस घोल को सीधे मिट्टी में डालकर पानी देने के रूप में उपयोग करें।
मिट्टी में ड्रेन्च: स्थापित पौधों के लिए इसे मिट्टी में ड्रेन्च करें। पर्याप्त घोल डालें ताकि जड़ क्षेत्र पूरी तरह से गीला हो जाए।
उपयोग की मात्रा दिशा-निर्देश:
प्रारंभिक उपयोग की मात्रा:
अपने तैयार किए गए घोल को पानी में 1:10 या 1:20 के अनुपात में पतला करें (1 भाग घोल को 10-20 भाग पानी में मिलाएं)। यह एक सुरक्षित शुरुआती बिंदु है ताकि अधिक उर्वरक से बचा जा सके।
निगरानी और समायोजन:
पौधों को पोषक तत्वों की कमी (पीली पत्तियाँ, कम वृद्धि, आदि) के संकेतों के लिए निगरानी करें।
यदि आप कमी देखते हैं, तो आप धीरे-धीरे घोल की ताकत बढ़ा सकते हैं और पतला अनुपात कम कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, 1:5 या 1:10 की कोशिश करें। पौधों की सेहत पर नजर रखें और आवश्यकतानुसार खुराक को समायोजित करें। अधिक उर्वरक से बचने के लिए सावधानी बरतें।