आहार पौधों के लिए संतुलित पोषण है। यह भारतीय उपमहाद्वीप के सभी भौगोलिक क्षेत्रों में एक अच्छी तरह से परीक्षण और प्रमाणित उत्पाद है।
आहार का उपयोग फसल की उपज को एक नए स्तर तक बढ़ाता है, जो साधारण बायोस्टिमुलेंट्स से संभव नहीं होता।
आहार को इस सिद्धांत पर डिजाइन किया गया है कि पौधों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए सूक्ष्म और मैक्रो तत्वों का संतुलित पोषण आवश्यक है। यह पौधों की वृद्धि को सुधारता है। हमने पौधों के हार्मोन के काम करने के तरीके और उन्हें अधिक उपज प्राप्त करने के लिए कैसे नियंत्रित किया जा सकता है, इस पर गहन अध्ययन किया है। आहार कई महत्वपूर्ण हार्मोन के बायोसिंथेसिस को नियंत्रित करता है, जो जड़ के विकास को उत्तेजित करते हैं। जड़ का विकास महत्वपूर्ण है क्योंकि पौधों के हार्मोन जड़ के सिरे (टिप) में होते हैं। इसलिए, विकास के सभी चरणों में, जैसे अंकुरण, शाकीय वृद्धि, फूल आना, प्रजनन, फल का निर्माण और परिपक्वता में लगातार जड़ का विकास आवश्यक है।
फायदे:
पौधों की शाकीय वृद्धि को बढ़ाता है।
नई जड़ों के सिरे के साथ बड़े और मजबूत जड़ प्रणाली को बढ़ावा देता है।
बीजों का प्रारंभिक तेजी से वृद्धि।
जल्दी और अधिक नोडुलेशन (जड़ गांठें)।
मोटे और मजबूत तने।
गहरी हरी पत्तियाँ।
उपयोग:
सिफारिश की गई फसलें:
सभी प्रकार की सब्जियाँ जैसे टमाटर, मिर्च, बैगन, भिंडी, ककड़ी, शिमला मिर्च।
बागवानी पौधे जैसे आम, अनार, नारियल, अंगूर, कॉफी, चाय।
फूलों के पौधे जैसे गेरबेरा, गुलाब, कैमेशन आदि।
कपास, प्याज, दालें और तिलहनी फसलें।
उपयोग की मात्रा: 0.5 से 1 ग्राम प्रति लीटर पानी।