कद्दू की किस्में
जैविक और प्राकृतिक गुणवत्ता वाले 100% शुष्क बीज।
विवरण:
कद्दू कई प्रकार की मिट्टी में उगाया जा सकता है, लेकिन यह रेतीली दोमट मिट्टी में अच्छा उगता है। खेत को छह से सात बार हल से तैयार करना चाहिए, और मिट्टी का pH 6.5 से 7.5 के बीच होना चाहिए।
यह घरों की बगीचा, छत पर बगीचा, ग्रीन बैग, छत पर पॉलीहाउस बगीचा, और बालकनी पर भी उगाया जा सकता है। फलों को कोमल अवस्था में और पूरी तरह से परिपक्व होने से पहले ही तोड़ा जाता है। फूल आने के दस दिन बाद ही कटाई करनी चाहिए।
वानस्पतिक नाम:
लेगेनेरिया सिसेरिया
बीज की जानकारी
नाम: कद्दू के बीज
अन्य सामान्य नाम: कलाईबाश बीज, लंबा तरबूज बीज, तस्मानिया बीज, लौकी के बीज
गर्माई समय: 1 से 2 सप्ताह
कटाई का समय: 60 से 100 दिन या उससे अधिक
ऊंचाई: 30 से 40 सेंटीमीटर
वजन: 700 से 800 ग्राम
रंग: गहरा हरा
विशेषताएँ और लाभ:
यह 100% जैविक और प्राकृतिक धीमे-सूखे उच्च गुणवत्ता वाले बीज हैं।
उगाने के लिए आसान, लागत प्रभावी और लगभग 80 से 90% अंकुरण दर के साथ।
यह उपजाऊ और दोमट मिट्टी में अच्छा उगता है।
इसमें पानी की भरपूर मात्रा होती है, जो पाचन और रक्तचाप में सुधार करती है और हृदय रोगों को रोकने में मदद करती है।
यह वजन घटाने में भी सहायक है।
पोषक तत्व:
कद्दू में फाइबर, विटामिन C, B6, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम और कुछ प्रोटीन होता है।
बीज की आवश्यकताएँ:
मौसम: गर्मी और मानसून
मिट्टी: रेतीली दोमट मिट्टी
सूरज की रोशनी: 6 से 7 घंटे की सीधी धूप
तापमान: 20 से 30°C
जल: बुआई के समय नियमित पानी देना
उर्वरक: हां
कद्दू के बीज से कैसे उगाएं:
मिट्टी तैयार करें और उर्वरक डालें।
बीजों को अंकुरण गति बढ़ाने के लिए 24 घंटे तक पानी में भिगोएं।
पहले, बीजों को पौधों में या गमलों में बो सकते हैं।
बीजों को 6 से 7 घंटे सीधी धूप में रखें।
1 से 2 सप्ताह में बीज अंकुरित हो जाएंगे, उसके बाद इन्हें खेत में रोपित करें।
कीट नियंत्रण के लिए जैविक और रासायनिक उपायों का प्रयोग करें।
पौधों की देखभाल के टिप्स:
कद्दू के बीजों की सही किस्में और प्रकार का ध्यान रखें, क्योंकि कुछ किस्में केवल कृषि उपयोग के लिए होती हैं।
बीजों को सुरक्षित स्थान पर रखें, ताकि उनकी गुणवत्ता न खो जाए।
सुनिश्चित करें कि बीजों को पर्याप्त धूप और पानी मिलता रहे।
कीटनाशकों का सही उपयोग करें ताकि पौधों की सेहत अच्छी रहे।
कटाई के समय का ध्यान रखें ताकि ताजे कद्दू का लाभ मिल सके।