





| Brand: | अमन एजेंसीज |
| Product Code: | 10477 |
| Country of Origin: | India |
| Category: | Equipments |
| Sub Category: | Azolla Bed |
गार्डेको एचडीपीई एजोला बेड 100% वर्जिन गुणवत्ता वाले कच्चे माल से बना है। यह UV स्थिरित, पूर्णतः जलरोधक, टिकाऊ और आसानी से स्थापित किया जा सकता है। इसे कई बार उपयोग में लिया जा सकता है।
एजोला बेड के लाभ:
यह आसानी से जंगली अवस्था में उगता है और नियंत्रित स्थिति में भी उगाया जा सकता है।
गाय, भैंस, बकरी आदि में दूध उत्पादन बढ़ाने और मुर्गी, बत्तख आदि के स्वास्थ्य में सुधार लाने में सहायक है।
जहां यह उगता है वहाँ के आसपास और धान के खेतों में मच्छरों की संख्या कम करता है।
दोनों मौसमों में हरी खाद के रूप में बड़ी मात्रा में आसानी से उगाया जा सकता है।
वायुमंडलीय CO₂ और नाइट्रोजन को स्थिर करके क्रमशः कार्बोहाइड्रेट और अमोनिया का निर्माण करता है।
यह Zn, Fe और Mn को घुलनशील बनाकर मिट्टी में उपलब्ध कराता है।
एजोला की खेती की प्रक्रिया:
स्थान का चयन: एजोला बेड को लगाने के लिए छायादार स्थान का चयन करें, जो घर के पास (नियमित देखरेख और निगरानी के लिए) और पानी स्रोत के पास हो।
बेड का आकार: 10 × 4 × 1 फीट का एजोला बेड/तालाब प्रतिदिन 2 किलो ताजा एजोला उत्पन्न कर सकता है, जो 2 दुग्ध गायों के लिए पर्याप्त होता है। बेड को समतल सतह पर स्थापित करें (असमतल सतह से बचें)।
बेड की भराई: एजोला बेड को 6 इंच पानी से भरें। छनी हुई उपजाऊ मिट्टी, गोबर और पानी (या बायोगैस स्लरी) का मिश्रण उर्वरक के रूप में डालें।
प्रतिरोपण: ताजा एजोला तहज़ीब को बेड में डालें।
रखरखाव: हर 2 सप्ताह में लगभग 1 किलो गोबर और 80-100 ग्राम सुपरफॉस्फेट डालें।
पहली कटाई: पहली फसल 15-20 दिनों में तैयार होती है, इसके बाद रोजाना कटाई कर सकते हैं।
बेड की सफाई: हर 6 महीने में बेड को खाली करके साफ करें और ताजे पानी व एजोला तहज़ीब से पुनः भरें।
अतिरिक्त एजोला: अतिरिक्त एजोला को छायादार स्थान में सुखाकर भविष्य में पशुधन, पोल्ट्री, मछली और बकरी के चारे के रूप में उपयोग करें।
यह प्रक्रिया किसानों को अपने पशुधन के लिए पौष्टिक चारा प्रदान करने के साथ-साथ खेती में पोषक तत्वों की पूर्ति का एक पर्यावरण अनुकूल तरीका भी देती है।
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