अडोरा खरतपरवारनाशक एक नई पीढ़ी का व्यापक-प्रभावी खरतपरवारनाशक है, जिसमें बिस्पायरीबैक-सोडियम मुख्य तत्व है। यह नर्सरी और खेतों में धान की फसल में उगने वाले अधिकतर खरपतवारों को प्रभावी ढंग से खत्म करता है।
उत्पाद सामग्री: बिस्पायरीबैक सोडियम 10% एससी
मुख्य विशेषताएँ और फायदे:
यह नर्सरी और खेतों में धान की फसल में उगने वाले घास, चौड़ी पत्तियों वाले खरपतवार और सैज जैसी समस्याओं को खत्म करता है।
यह धान की फसल को कोई नुकसान नहीं पहुँचाता।
इसमें खरपतवार तेजी से खत्म होते हैं और यह फसल के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।
इसका इस्तेमाल आसानी से किया जा सकता है और कम मात्रा में भी अच्छे नतीजे मिलते हैं। उदाहरण के लिए, 1 हेक्टेयर खेत में सिर्फ 200 मि.ली. अडोरा ही काफी है।
इसे अन्य कीटनाशकों के साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
उपयोग की मात्रा: 80 से 120 मि.ली. प्रति एकड़ (या 0.4 से 0.5 मि.ली. प्रति लीटर पानी)
खरपतवार जो नियंत्रित होते हैं:
ईचिनोच्लोआ (जंगली धान), साइपरस (मोथा), फिम्ब्रिस्टिलिस, एक्लिप्टा (भंगरा), लुडविगिया, मोनोकोरिया (बिलबिल) आदि।
उपयोग की सिफारिशें:
नर्सरी धान में: बुवाई के 10-12 दिन बाद इस्तेमाल करें।
रोपित धान में: रोपाई के 10-14 दिन बाद, जब खरपतवार 3-4 पत्तियों के चरण में हों।
डायरेक्ट-सीडेड धान में: बुवाई के 15-25 दिन बाद सही समय होता है।
कैसे इस्तेमाल करें:
पहले खेत से पानी निकालें।
80-120 मि.ली. अडोरा को पानी में मिलाएं।
फ्लैट फैन या फ्लड जेट नोजल से छिड़काव करें ताकि खरपतवार के पत्तों पर अच्छी तरह छिड़काव हो सके।
2-3 दिन के भीतर खेत को फिर से पानी से भर दें और 10 दिनों तक 3-4 सेंटीमीटर पानी रखें।