सरल जानकारी:
बायोरिटेन पौधों की ऊपरी परत (क्यूटिकल) में आसानी से घुलकर काम करता है, जिससे इसका असर जल्दी और बेहतर होता है।
इसमें तांबे का अच्छा अवशोषण होता है, जो बारिश के बाद भी लंबे समय तक असरदार रहता है और फसल को कोई नुकसान नहीं होता।
तांबे के आयन तुरंत सक्रिय हो जाते हैं, जिससे पत्तों पर मौजूद रोगजनकों (जैसे कवक और जीवाणु) पर जल्दी असर होता है।
इस उत्पाद में कम तांबा डाला जाता है, जिससे मिट्टी पर कोई असर नहीं पड़ता और यह पर्यावरण के लिए सुरक्षित रहता है।
यह एक आसान उपयोग वाला तरल है, जिससे नोजल में जाम या क्लॉगिंग की समस्या नहीं होती।
यह आपकी फसल पर कोई नीला दाग नहीं छोड़ता।
कौन से रोगों को नियंत्रित करता है:
एंथ्राक्नोस (फलों पर धब्बे)
बैक्टीरियल ब्लास्ट (फूलों का खराब होना)
ब्राउन रोट (फलों में सड़न)
सर्कोस्पोरा लीफ धब्बा (पत्तों पर धब्बे)
मृदुरोमिल आसिता (पत्तों पर सफेद परत)
अर्ली झुलसा (टमाटर और आलू में शुरुआती रोग)
ग्रे मोल्ड (मोल्ड का विकास)
चूर्णिल आसिता (पत्तों पर सफेद धूल)
रस्ट्स (पत्तों पर जंग के धब्बे)
स्कैब (फल और फलों पर दाग)
तना झुलसा (तने पर सड़न)
अनुकूल फसलें:
संतरा, नींबू (साइट्रस)
फल और सब्जियाँ (फ्रूटिंग वेजिटेबल्स)
आलू
पत्थर वाले फल (जैसे आलूबुखारा)
ट्री नट्स (नट्स)
मिर्च, टमाटर, और अन्य सब्जियाँ
उपयोग की मात्रा: